Mumbai News: मुंबई के क्लबों, मॉल और होटलों को नहीं मिल रहा पानी, जल संकट ने बढ़ाई परेशानी, जानें क्या है वजह?
Maharashtra News: मुंबई में लगभग 2,500 टैंकर पानी की आपूर्ति करते हैं और टैंकर मालिकों के 550 परिवार उनके द्वारा नियोजित कर्मचारियों के अलावा इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं.

Mumbai Municipal Corporation: भारी मात्रा में जलापूर्ति के लिए केंद्रीय दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन का विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. मुंबई वॉटर टैंकर एसोशिएन (MWTA) के एक सदस्य ने मंगलवार को दावा किया कि मुंबई में टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराने वाले कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. इस वजह से प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, होटलों, मॉल और क्लबों के लिए पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. एमडब्ल्यूटीए के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि मुंबई (उपनगरीय) के संरक्षक मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने गतिरोध के समाधान के लिए दिन में एक बैठक बुलाई. इसमें मुंबई निकाय और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के अधिकारी शामिल होंगे.
2,500 कर्मी हड़ताल पर
अंकुर शर्मा ने कहा कि पूरे मुंबई में पेयजल और गैर पेयजल की टैंकरों से आपूर्ति करने वाले 2,500 कर्मी आठ फरवरी से हड़ताल पर हैं और यह उनके लिए करो या मरो की स्थिति है. उन्होंने कहा कि बिना लिखित आश्वासन के टैंकर संचालक धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारी कोई मांग नहीं है. सीजीडब्ल्यूए उपायों के कार्यान्वयन और मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई नगरपालिका के कारण हमें अपना कारोबार बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा. साथ ही उन्होंने कहा कि देश में भूजल संसाधनों के विकास और प्रबंधन को विनियमित करने और नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार सीजीडब्ल्यूए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कार्यान्वयन संभव नहीं है.
क्यों हैं हड़ताल पर?
निर्देशों को मुंबई और उपनगरीय मुंबई जिलों के कलेक्टरों और राज्य जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग द्वारा लागू किया जा रहा है. दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले टैंकर मालिकों के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अधिकृत है. उन्होंने कहा कि टैंकर संचालक सीजीडब्ल्यूए द्वारा अनिवार्य किए गए लाइसेंस के लिए आवेदन करने और राजस्व का भुगतान करने के लिए तैयार हैं.
हालांकि वे अन्य दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं कर सकते हैं, जिसमें कहा गया है कि निजी टैंकर मालिकों के पास भूमिगत जल निकालने के लिए 2,000 वर्ग फुट का भूमि पार्सल होना चाहिए. दिशा-निर्देश यह भी कहते हैं कि टैंकर मालिकों और आपूर्तिकर्ताओं को सुरक्षा जमा के रूप में स्थानीय प्रशासन को 6 लाक 50 हजार रुपये का भुगतान करना होगा और पांच से अधिक टैंकर एक विशिष्ट जगह से पानी नहीं खींच सकते हैं. एमडब्ल्यूटीए के मुताबिक, मुंबई में लगभग 2,500 टैंकर पानी की आपूर्ति करते हैं और टैंकर मालिकों के 550 परिवार उनके द्वारा नियोजित कर्मचारियों के अलावा इस व्यवसाय पर निर्भर हैं.
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