Nagpur Violence Live: नागपुर हिंसा मामले में अब तक 12 FIR, जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों के बाहर कड़ा पहरा
Nagpur Violence Live Updates: नागपुर हिंसा के बाद पुलिस अलर्ट है. जुमे की नमाज से पहले नागपुर में मस्जिदों के बाह सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
नागपुर हिंसा मामले में अब तक 12 FIR हुई है. इसमें 4 साइबर पुलिस ने और 8 लोकल नागपुर पुलिस ने दर्ज की हैं. अब तक 100 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है. कल जुमे को लेकर पुलिस सतर्क है. सभी मस्जिदों के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है.
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत न कहा कि औरंगजेब का मुद्दा नहीं चला तो आदित्य ठाकरे को दिशा सालियान मामले में फंसाया जा रहा है.
आप सांसद संजय सिंह ने नागपुर में हुई हिंसा को लेकर कहा कि आरएसएस और बीजेपी वाले लोगों को भडकाने और हिंसा फैलाने का काम करते हैं. बीजेपी वाले अंग्रेज पर नहीं बोलते हैं.
महाराष्ट्र कांग्रेस ने नागपुर में हुई हिंसक घटना के बाद दंगा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के लिए एक समिति का गठन किया है जो प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, स्थानीय लोगों से चर्चा करेगी और शांति स्थापित करने का प्रयास करेगी.महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर गठित समिति में माणिकराव ठाकरे, पूर्व सांसद हुसैन दलवई, पूर्व मंत्री नितिन राउत, यशोमति ठाकुर और साजिद पठान को शामिल किया गया है.
सपा विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब पर फिर बयान दिया. उन्होंने कहा कि मरे हुए आदमी की कब्र खोदने से क्या देश में तरक्की हो जायेगी? क्या देश में लोगों की भूखमरी खत्म हो जाएगी? क्या सिलेंडर का भाव कम हो जायेगा? सांप्रदायिकता कम हो जायेगी? इस मुद्रदे से लोगों को भटकाया जा रहा है. असली मुद्दे पर बात नहीं किया जा रहा है. रायगढ़ में उन्होंने ये बात कही.
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में एक युवक ने सोशल मीडिया स्टेटस पर औरंगज़ेब की तस्वीर लगाई. इसको लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गय. इससे उमरगा तहसील के नारंगवाड़ी गांव में रास्ता रोको आंदोलन हुआ और युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है. मौके पर पुलिस मौजूद है, पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. आंदोलन उमरगा-लातूर राजमार्ग पर नारंगवाड़ी फाटे के पास हुआ.
नागपुर में कर्फ्यू नियम को लेकर पुलिस का नया आदेश जारी हो गया है. आज दोपहर 2 बजे से नागपुर के नंदनवन, कपिल नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लगाई कर्फ्यू को पूरी तरह हटाया गया है. नागपुर के लकड़गंज, पांचपावली, शांति नगर , शक्करदारा, इमामवाड़ा, इलाके में कर्फ्यू में ढील दी गई है. जरूरी काम और आवश्यक सामान लेने के लिए दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक ढील दी गई है. नागपुर के कोतवाली, तहशील , गणेश पेठ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में सभी इलाकों में कर्फ्यू पूरी तरह लागू रहेगा.
नागपुर के गणेशपेठ, कोतवाली और तहसील थाना क्षेत्र के हिंसा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी. इन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी रहेगा. वहीं शांतिनगर, लकड़गंज और यशोधरानगर में दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी जाएगी, लेकिन उसके बाद फिर से कर्फ्यू लागू रहेगी. शेष 5 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू हटा दिया जाएगा. कुछ ही समय में नागपुर पुलिस का आधिकारिक आदेश जारी होगा.
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा, "औरंगजेब के मुद्दे का इससे कोई लेना-देना नहीं है. औरंगजेब, क्या हुआ, वगैरह के बारे में बहस सिर्फ ध्यान भटकाने वाली है. औरंगजेब के मुद्दे में बांग्लादेश से कनेक्शन उभर रहा है, लेकिन इस साजिश के पीछे कौन है? देश के खिलाफ काम करने वाले कौन हैं? विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़काकर अशांति पैदा कर रहा है, लेकिन इसमें कुछ भी ठोस नहीं है."
नागपुर दंगे के आरोपी मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान पर देशद्रोह का मामला लगाया गया. साइबर सेल में दर्ज FIR में भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने का आरोप फहीम शमीम खान पर लगा है. सोशल मीडिया पर किए गए भड़काऊ पोस्ट में नागपुर पुलिस के साइबर सेल की ओर से दर्ज किए गए 4 FIR में से एक FIR में देशद्रोह की धाराएं भी लगाई गई हैं. इस FIR में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें फहीम खान भी आरोपी है. मतलब फहीम खान पर देशद्रोह का आरोप लगा है.
बीएनएस की धारा 152 भी इस FIR में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ लगाई गई है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों को अपराध मानती है, जिसमें अलगाव, सशस्त्र विद्रोह या विध्वंसक गतिविधियों को उकसाना शामिल है.
नागपुर हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 90 लोगों को गिरफ्तार किया है. 6 आरोपियों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. इस बीच नागपुर के मुस्लिम इलाके में अफवाह फैल गई कि घायल आरोपी शख्स की मौत हो गई है. इस अफवाह के बाद शख्स के परिजन पुलिस थाने गए और फिर पुलिस ने अस्पताल में इलाज करा रहे आरोपी की फोन पर बात कराई.
नागपुर हिंसा पर कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने कहा, "इसकी गहन जांच होनी चाहिए. राष्ट्रीय सुरक्षा, राज्य सुरक्षा या लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. हालांकि, अगर कोई कुछ चीजों को छिपाने के लिए एजेंडा चला रहा है, तो यह ठीक नहीं है, चाहे वह औरंगजेब का मुद्दा हो या कोई और मामला."
नागपुर हिंसा मामला को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के बाद साइबर सेल एक्शन में है. बांग्लादेश से पोस्ट किए जा रहे हैं.
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के इस बयान पर कि हमला पूर्व नियोजित था, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "गृह मंत्री क्या कर रहे थे? आपकी खुफिया जानकारी कहां थी? अगर यह साजिश थी, तो आपने अपने सहयोगी संगठनों को जुलूस निकालने और पुतले जलाने की अनुमति क्यों दी, जिससे विवाद हुआ? और ऐसा होने के बाद भी क्या आपके पास संभावित प्रतिक्रियाओं के बारे में खुफिया जानकारी नहीं थी?"
नागपुर हिंसा के बारे में एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार ने कहा, "ये अलग-अलग मुद्दे हैं जिन्हें बीजेपी, आरएसएस और उनसे जुड़े संगठन उठाएंगे. हालांकि, लोगों को इससे कोई सरोकार नहीं है. लोग यही कह रहे हैं कि उन्हें हिंसा कम करने और अपने पेट, रोजगार और पारिवारिक मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है."
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने नागपुर हिंसा पर बात की और कहा कि सरकार के मंत्रियों और उनके सहयोगियों के बयानों से स्थिति और खराब होती है.
छत्रपति संभाजी नगर के खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर उठे विवाद के बीच, सुरक्षा दीवार के पीछे प्रवेश रोकने के लिए लोहे की बड़ी चादरें लगाई गईं.
नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के बाद शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है.
सूत्रों के मुताबिक, नागपुर हिंसा मामले में एनआईए की की भी एंट्री हो गई है. नागपुर पुलिस के साथ एनआईए ने भी मामले की समांतर जांच शुरू की है. इसके अलावा ATS भी समानंतर जांच कर रही है. इन दंगों का कनेक्शन किसी देश विरोधी ताकतों से तो नहीं, इसकी जांच NIA कर रही है. हिंसा में शामिल दंगाइयों का किसी प्रतिबंधित संगठन से कोई कनेक्शन है या नहीं इसकी भी पड़ताल एजेंसी कर रही है.
नागपुर पुलिस साइबर सेल सोशल दंगाइयों से निपटने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है. साइबर सेल दंगाइयों की पहचान कर रही है. नागपुर हिंसा दंगा मामले में नागपुर पुलिस की अलग-अलग टीम अलग-अलग जांच दिशा में काम का रही है. अब तक 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अभी भी दंगाई छिपे हुए हैं. इनकी पहचान करने के लिए नागपुर पुलिस की साइबर सेल सक्रिय है.
साइबर सेल उपलब्ध सीसीटीवी, मोबाइल फुटेज, मीडिया फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट, सोशल मीडिया पेज के माध्यम से दंगाइयों की पहचान कर उनका डेटा बेस तैयार कर रही है. साइबर सेल द्वारा तस्वीरें मिलने के बाद दंगाइयों की गिरफ्तारी की जा रही है.
नागपुर पुलिस के DCP राहुल मदने ने कहा, "हमने उन घरों की पहचान कर ली है, जहां से हम पर पत्थर फेंके गए थे. तलाशी अभियान चल रहा है और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा. यहां से हमने पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है."
JD(U) नेता राजीव रंजन प्रसाद ने नागपुर हिंसा पर कहा, "सियासत तो होती रहेगी लेकिन नागपुर की जनता को सियासत में उलझने के बजाय, कानून व्यवस्था के साथ खड़े होना चाहिए. उन्हें अमन के साथ, शांति के साथ दिखना चाहिए. यदि वे ऐसा करेंगे तो नि:संदेह नागपुर की जो परंपरा रही है वह कायम रहेगी... पिछले 100 वर्षों के इतिहास में वहां ऐसी घटनाएं नहीं हुईं. उस परंपरा को बरकरार रखने की जिम्मेदारी नागपुर के लोगों की है."
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आठ कार्यकर्ताओं ने बुधवार (19 मार्च) को पुलिस के सामने सरेंडर किया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. नागपुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने आठ आरोपियों को 3000 रुपये नकद जमानत पर बेल दे दी.
नागपुर पुलिस ने भालदारपुरा इलाके में तलाशी अभियान चलाया. नागपुर पुलिस के DCP राहुल मदने ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमने उन घरों की पहचान कर ली है, जहां से हम पर पत्थर फेंके गए थे. तलाशी अभियान चल रहा है और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा. यहां से हमने पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा, "आयत वाली कोई चादर नहीं जलाई गई. आयत को लेकर अफवाह फैलाई गई. यह संदेश जानबूझकर वायरल किया गया कि आयत को जलाया गया. पुलिस और मेरे बयान में कोई फर्क नहीं है. पुलिस पर हमला करने वाले बचेंगे नहीं. किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगे. कब्र में छुपे हैं तो कब्र से निकालेंगे."
नागपुर में सोमवार को जिन इलाकों में हिंसा हुई वहां कर्फ्यू लगाया गया. इन इलाके का जायजा लेने के लिए नागपुर के पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंगल हिंसा वाली जगह पहुंचे. आज देर शाम समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा की क्या कर्फ्यू बढ़ाना है या अब ढील दी जा सकती है?
नागपुर हिंसा पर शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, "दुख की बात यह है कि कानून और व्यवस्था पुलिस के हाथ में नहीं है. अगर कानून और व्यवस्था पुलिस के हाथ में होती, तो आप पिछले 2-3 सालों से जो भी घटनाएं देख रहे हैं, वह नहीं होतीं. लेकिन गृह विभाग, जो मुख्यमंत्री के पास है, विफल रहा है."
नागपुर हिंसा और औरंगजेब विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि संघ का बयान स्वागत योग्य है. देर आए दुरुस्त आए. लेकिन यही बात अपने चेलों को क्यों नहीं बताते हैं? इन्हीं के मंत्री और सांसद एक बार नहीं बार-बार कहते रहे, शुरुआत तो प्रधानमंत्री नहीं की थी, मंगलसूत्र की किसने बात की थी? दरारें कौन पैदा कर रहा है? इन्हीं के लोग कर रहे हैं तो यह अपने चेलों को समझाएं. घुसकर मारने की बात क्यों करते हैं? घुसना है तो पाकिस्तान और चीन में घुसो.
नागपुर हिंसा मामले में अभी तक 6 एफआईआर दर्ज हुई है. 3 पुलिस स्टेशन में अभी तक 6 एफआईआर दर्ज हुई है और 1250 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. इसमें से 100 से 200 लोग को पहचान लिया गया है. सोशल मीडिया से वीडियो के पोस्ट वायरल करने वाले लोगों को भी नागपुर पुलिस की साइबर यूनिट जांच रही रही है. 100 से 150 सीसीटीवी कैमरा के फुटेज की भी जांच की जा रही है.
नागपुर हिंसा मामला के मास्टरमाइंड बताए जा रहे फहीम खान पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस ने कन्फर्म किया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है. फहीम का नाम आरोपियों की सूची में अन्य लोगों के नाम अंतर्गत है. फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी का शहर अध्यक्ष है. नितिन गडकरी के सामने लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है, तब जमानत जब्त हुई थी.
एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने नागपुर हिंसा पर कहा है कि मैं इस मत का हूं कि इतिहास मिटाना नहीं चाहिए. औरंगजेब की कब्र छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य का प्रतीक है. अगर कब्र नहीं रहेगी तो शौर्य का क्या होगा. वहीं तेलंगाना के बीजेपी विधायक टी राजा सिंह के औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग वाले बयान पर उन्होंने कहा कि वे भड़काने का काम कर रहे हैं. हिम्मत है तो खुद बुलडोजर लेकर आए, टी राजा को रोका किसने है. टी राजा लोगों को न भड़काए. औरंगजेब की कब्र तोड़ने का मैं खुद इसका विरोध करूंगा. मै सरकार को चिठ्ठी लिखूंगा और अपना विरोध दर्ज कराऊंगा.
नागपुर हिंसा के पीछे जिम्मेदार लोगों ने नाबालिगों का भी इस्तेमाल किया. नागपुर पुलिस ने मामले में 5 नाबालिगों को हिरासत में लिया और JJ एक्ट के तहत आगे की कानूनी करवाई की गई. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नाबालिगों से हिंसा करवाने की प्लानिंग किसने की और हिसंक भीड़ का हिस्सा कैसे नाबालिगों को बनाया गया. जांच के दौरान ऐसे कई महत्वपूर्ण जानकारी नागपुर पुलिस को मिल रही है.
महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक नागपुर में हुए पथराव का पैटर्न 'कश्मीर स्टोन पेल्टिंग' की तरह नजर आ रहा है. महज चार घंटे के भीतर लोगों तक मैसेज पहुंचाकर उन्हे मोबलाइज करना, हमले के लिए आसपास के पत्थरों का इस्तमाल करना, पुलिस को टार्गेट करना यह कुछ समानताएं नजर आ रही है. इसिलिए कश्मीर स्टोन पेल्टिंग पैटर्न के एंगल से भी जांच कर रहें है. नागपुर दंगे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट को केंद्रीय गृह विभाग को भेजेंगे. आज शाम को नागपूर में सुरक्षा इंतजाम का रिव्यू मीटिंग लिया जाएगा, इस मीटिंग में तय किया जाएगा की कर्फ्यू जारी रखना है या फिर कर्फ्यू को खत्म किया जाए.
17 मार्च को भड़की हिंसा के बाद महाराष्ट्र के नागपुर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है.
नागपुर घटना पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "बजरंग दल या विश्व हिंदू परिषद दंगाई हैं, संविधान विरोधी, देश विरोधी, इंसान विरोधी, मानवता वादी विरोधी हैं. इन लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए. जो संविधान से ऊपर हो जाए और गीता, कुरान बाइबिल की आध्यात्मिकता और उदारवादी मानवीय मूल्यों के इतर हो जाए, ऐसी संस्था और ऐसे लोगों की जगह जेल में या श्मशान में होनी चाहिए. देश की संप्रभुता, संस्कृति और आध्यात्मिकता से कोई समझौता नहीं करना चाहिए. इन सभी को सरकार के संरक्षण मिलता है."
दिल्ली: नागपुर घटना में बजरंग दल और VHP पर FIR दर्ज होने पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "जो लोग दंगे कराएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. अगर ऐसा हुआ है तो सरकार निष्पक्ष काम कर रही है."
नागपुर हिंसा पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, "पिछले 100 वर्षों से नागपुर में सभी समुदाय शांतिपूर्वक रह रहे हैं. यह पहली बार है कि वीएचपी और बजरंग दल ने आंदोलन शुरू किया और फिर अफवाह फैलने के बाद हिंसा हुई. अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिए. इसकी जांच होनी चाहिए कि यह सब किसने शुरू किया."
नागपुर डीसीपी राहुल मकनीकर ने बताया कि अभी स्थिति शांतिपूर्वक है. 50 लोगों को डिटेन किया गया है और कार्रवाई चालू है. 5 एफआईआर हुई है. 10 टीमें बनाई हैं जो काम कर रही है. पूरा साइबर सेल काम कर रहा है. जैसे-जैसे जानकारी और इनपुट आ रही है उसपर काम कर रहे हैं. महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी पर उन्होंने कहा कि हम लोग जानकारी ले रहे हैं और जो कुछ भी निकलता है तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे. जिनको डिटेन किया है, उनकी 21 तारीख तक की रिमांड है.
महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा है कि नागपुर का दंगा पूर्व नियोजित लग रहा है और पुलिस-प्रशासन दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाएगी. पुलिस पर हाथ उठाना सहन नहीं किया जाएगा. नागपुर दंगे में महिला पुलिस पर जिन्होंने विनयभंग करने का प्रयास किया, उनको कठोर कार्रवाई की जाएगी. अवैध बांग्लादेशी जो कॉन्ट्रैक्शन साइट पर काम कर रहे हैं, उनके बारे में डेवलपर को सभी जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा, जो लोग इनको काम दे रहे हैं उनको जानकारी देनी होगी.
एनसीपी-एसपी के नेता रोहित पवार ने नागपुर हिंसा पर कहा है कि Inteligence Failure था आपको मानना पड़ेगा, अगर नहीं था और आपके पास इसकी सूचना थी तो दंगल हुआ तो फिर आपने करवाया है, ये बोलना पड़ेगा. कोई भी संगठन हो कार्रवाई होनी चाहिए.
नागपुर हिंसा मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. उपद्रवियों में से ज्यादातर लोग पास के ही मस्जिद में इफ्तार कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि कईयों ने नमाज पढ़ने के बाद इफ्तारी की और फिर हिंसा करने लिए सड़क पर उतर गए. पुलिस जांच कर रही है कि मस्जिद पर किसी ने इकट्ठा हुए भीड़ को बरगलाया था क्या और बरगलाने के लिए क्या कहा गया था.
नागपुर हिंसा में महिला पुलिसकर्मी से भी बदसलूकी की गई थी. महिला पुलिसकर्मियों ने नागपुर पुलिस से शिकायत की है. महिला पुलिसकर्मियों की शिकायत के मुताबिक उपद्रवियों ने उनसे बदसलूकी, छेड़छाड़, वर्दी खींचने और अश्लील हरकत वाले इशारे करने का आरोप लगाया है. इसे लेकर एक FIR दर्ज की गई है और आरोपियों की पहचान की जा रही है.
नागपुर पुलिस आयुक्त मुताबिक हिंसा मामले में 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पहले दिन 46 गिरफ्तार हुए थे, कल सभी को कोर्ट ले जाया गया. देर रात ढाई बजे कोर्ट में 36 की पेशी हो सकी और अन्य की पेशी आज होगी. 6 आरोपी को अस्पताल में भर्ती करता गया है.
नागपुर आगजनी और पथराव मामले के आरोपियों को 21 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया. देर रात कोर्ट ने इन आरोपियों को 21 तारीख तक पीसीआर दिया. इस मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायालय में रात ढाई बजे तक चली. पुलिस ने अब तक कुल 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 36 को पुलिस ने कल जिला सत्र न्यायालय में पेश किया. छह आरोपियों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इन आरोपियों के खिलाफ गणेश पेठ और तहसील पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
औरंगजेब कब्र विवाद के बाद छत्रपति संभाजीनगर शहर पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है. सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने पर 8 मामले दर्ज किए गए हैं. साइबर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर कुल 506 आपत्तिजनक पोस्ट हटाए गए. व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया पर पुलिस साइबर गश्त कर रही है. यदि किसी व्हाट्सएप ग्रुप पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट डाली जाती है तो ग्रुप एडमिन को भी आपराधिक रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा.
नागपुर हिंसा मामले की समांतर जांच अब महाराष्ट्र ATS भी कर रही है. सूत्रों ने बताया कि जब भी ऐसे संवेदनशील मामले सामने आते हैं, वैसे ही ATS भी उस मामले में जांच करती है. प्राथमिकता लोकल पुलिस को है, जिसके पास मामले में गिरफ्तार आरोपी है, वो उससे पूछताछ कर रहे हैं और मामले में अगर कुछ ऐसा मिलता है जो अनयुजुअल दिखे तो फिर आगे चलकर ATS भी उस आरोपियों से विस्तार में पूछताछ करेगी.
नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने बताया कि हमने मामले दर्ज किए हैं, गिरफ्तारियां की जा रही हैं. आरोपियों की पहचान की जा रही है. शांति बहाल करने के लिए रूट मार्च किया जा रहा है. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जा रही है.
नागपुर में सोमवार (17 मार्च) को हुई हिंसा को लेकर महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अबू आजमी का बयान सामने आया है. उन्होंने नागपुर की हिंसा पर दुख जताते हुए लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील की है. अबू आजमी पिछले दिनों औरंगजेब की तारीफ कर विवादों में आए थे.
बैकग्राउंड
Nagpur Violence Live Updates: महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में सोमवार (17 मार्च) की शाम हुई हिंसा के मामले में दंगा प्रभावित इलाकों में पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में दल ने मंगलवार (18 मार्च) को रूट मार्च किया. पुलिस कमिश्नर रविन्द्र सिंघल ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया.
उन्होंने सोमवार (17 मार्च) को हुई हिंसा का केंद्र रहे चिटनिस पार्क चौक से लेकर भालदारपुरा चौक, अग्रसेन चौक, सेवा सदन चौक और गीतांजलि टॉकीज चौक होते हुए हंसपुरी रोड तक रूट मार्च का नेतृत्व किया. हंसपुरी रोड में कल रात एक और झड़प हुई थी. तीन किलोमीटर के दायरे में फैले हुए इन सभी इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है.
सीपी रविंद्र सिंघल ने बताया कि किसी इलाके में तनावपूर्ण या दंगे जैसी स्थिति में लोगों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए इस तरह के मार्च निकाले जाते हैं.
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, रूट मार्च निकालने का मुख्य उद्देश्य यह समझना होता है कि कहीं हिंसा दोहराने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है. रूट मार्च से क्षेत्र पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है ताकि लोगों का विश्वास न टूटे और उन्हें पता चले कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
सिंघल ने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया. उन्होंने कहा कि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया का इस्तेमाल (अफवाह फैलाने के लिए) किया गया था. सिंघल ने बताया कि कर्फ्यू फिलहाल लागू रहेगा और इसमें ढील देने का फैसला स्थिति पर निर्भर करेगा.
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