Maharashtra Politics: क्या महराष्ट्र में फिर होने वाला है सियासी उलटफेर? केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने दिए संकेत
Maharashtra News: रावसाहेब दानवे ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना को एहसास हुआ कि उसके बिना अगली सरकार नहीं बन सकती. इसके बाद उसने अपनी पुरानी सहयोगी BJP से संबंध तोड़ लिया.
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औरंगाबाद: केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता रावसाहेब दानवे ने एक बड़ा बयान दिया है. महा विकास आघाड़ी सरकार के बीच कार्यकाल में ही गिरने की अटकलों का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसी राजनीति चलती रही तो कोई नहीं जानता कि दो महीने बाद क्या होगा. आजकल महाराष्ट्र की कुर्सी पर बैठे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी की सरकार गिर गई थी. इसके साथ ही शिव सेना में भी विभाजन हो गया था.
क्या बोले केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे
उन्होंने सोमवार रात औरंगाबाद जिले के कन्नड़ शहर में एक सभा को संबोधित किया. इसमें बीजेपी के इस नेता ने 2019 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बदले हुए राजनीतिक रुख के बारे में भी बात की. दानवे ने कहा, ''किसी ने नहीं सोचा था कि सत्ता में ढाई साल पूरे करने वाली एमवीए सरकार गिर जाएगी. लेकिन ऐसा जादू हुआ कि सरकार एक रात में गिर गई. अगर ऐसी राजनीति चल रही है तो कौन अनुमान लगा सकता है कि अगले दो महीने में क्या होगा.''
दानवे ने कहा कि जब 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो शिवसेना को एहसास हुआ कि उसके बिना अगली सरकार नहीं बन सकती. बीजेपी नेता ने कहा, ''उन्होंने (शिवसेना नेताओं ने) कहा कि पार्टी के लिए सभी विकल्प खुले हैं और उन्होंने अपनी पुरानी सहयोगी बीजेपी से नाता तोड़ लिया.''
महाराष्ट्र की राजनीति
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार इस साल जून में एकनाथ शिंदे और शिवसेना के 39 विधायकों द्वारा ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने के बाद गिर गई थी. एमवीए सरकार में शिवसेना के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस शामिल थी. मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस से हाथ मिलाया. इसके बाद अस्तित्व में आई महाविकास अघाड़ी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री चुना.
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