RSS Meeting in Panipat: हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में आज से RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हो गई है. जैसा कि माना जा रहा था कि इस बैठक में RSS द्वारा कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. ठीक वैसा ही हो रहा है. RSS ने बैठक के पहले ही दिन बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब RSS महिलाओं की शाखाएं भी लगाने वाली हैं. ज्वाइंट सेक्रेटरी ने इसको लेकर संकेत दिए है.

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के ज्वाइंट सेक्रेट्री डॉ मनमोहन वैद्य ने कहा कि मौजूदा समय में जहां देशभर में करीब 75 हजार स्थानों पर संघ का विस्तार है. वहीं अब महिलाओं के अलग से शाखा लगाने का काम किया जाएगा. आरएसएस में महिलाओं की एंट्री को लेकर पहले भी विचार-विमर्श चलता रहा है. लेकिन इस बार आरएसएस 2024 में अपना शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है. जिसको लेकर आरएसएस में कई बदलाव किए जा रहे है.

संघ मंडली में 20 फीसदी की बढ़ोतरी

डॉ. वैद्य ने आगे बताया कि पहले संघ रोजाना 42,613 शाखाएं लगती थीं जिनकी संख्या अब बढ़कर 68,651 हो गई है. हर सप्ताह संघ की 26,877 वीकली बैठकें होती हैं. आएसएस की 10,412 संघ मंडली है. 2020 की तुलना में 6,160 शाखाएं बढ़ी हैं. साप्ताहिक बैठकें 32% बढ़कर 6,543 हो गई हैं. संघ मंडली में 20% की वृद्धि हुई है. दिल्ली के साथ-साथ देश के बड़े महानगरों में भी सप्ताह और महीने में परिवार शाखाएं लगती रही है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य भाग लेते है. जिसके बाद अब आरएसएस महिलाओं के लिए शाखा लगाने को लेकर काम करने पर विचार कर रहा है.

बैठक में शामिल होंंगे 1400 प्रतिनिधि

बताते चलें कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की इस बैठक की शुरुआत आज 12 मार्च से हुई है और ये बैठक अब 14 मार्च तक चलने वाली है. इस बैठक में देशभर से संघ से जुड़े 34 विभिन्न संगठनों के 1400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे. अगले साल संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं. ऐसे में प्रतिनिधि सभा की इस बैठक में शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार योजना के साथ-साथ 2022-23 कार्यों की समीक्षा और उसके अनुभव के आधार पर 2023-24 की कार्य योजना बनाई जाएगी. बैठक में सबकी निगाहें इस बात पर है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत अपने संबोधन में किन मुद्दों पर ज्यादा फोकस रखते हैं.

यह भी पढ़ें:

Punjab Budget 2023: बजट में चुनावी घोषणाओं को भूली पंजाब सरकार, OPS और महिलाओं की मासिक आय पर साधी चुप्पी