Punjab News: पंजाब का युवा किस कदर एड्स की गिरफ्त आता जा रहा है. इस अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है. पहले नशे के गिरफ्त में आया युवा अब एड्स का शिकार हो रहा है. पंजाब के कुछ ऐसे जिले है जिनमें एड्स मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. जनवरी माह तक लुधियाना में एड्स के 1711 मामले सामने आए तो वही बठिंडा में 1514 एड्स पॉजिटिव मरीज मिले है. चौकाने वाली बात यह है कि इन एड्स पॉजिटिव में 15 साल से कम आयु के बच्चे भी शामिल है.
लुधियाना और बठिंडा के हालात खराब
लुधियाना में जो 1711 मामले सामने आए है उनमें से 1448 पुरुष, 233 महिलाएं, 2 ट्रांसजेंडर और 28 बच्चे जिनकी उम्र 15 साल से कम हो वो भी शामिल है. इसके अलावा बठिंडा में जो 1514 एड्स पॉजिटिव मरीज मिले है उनमें 1281 पुरुष, 225 महिलाएं, 2 ट्रांसजेंडर और 6 बच्चे है.
एक साल में मिले 10, 109 एड्स पॉजिटिव
पूरे पंजाब की अगर बात करें तो 2022 से लेकर जनवरी 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 10,109 एड्स पॉजिटिव मरीज मिले है. यानि नशे के बाद अब पंजाब इस प्राणघातक बिमारी का शिकार होता जा रहा है. एड्स मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे नशाखोरी का अहम रोल माना जा रहा है. नशे का इंजेक्शन लेने के लिए नशाखोर एक दूसरे की सुई का इस्तेमाल कर लेते है. जिससे एक व्यक्ति अगर एड्स पॉजिटिव है तो उसके साथ दूसरे के भी पॉजिटिव होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. वैसे तो समय-समय पर लोगों को एड्स के प्रति जागरुक किया जाता है लेकिन फिर भी लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और एड्स जैसी खतरनाक बिमारी का शिकार हो जाते है. इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले लोग कई बार तो ओवरडोज की वजह से अपनी जान से हाथ धो बैठते है.