Rajasthan: उदयपुर में अब नहीं होगी पानी की किल्लत, बांधों के निर्माण के लिए CM गहलोत ने मंजूर किए 1691 करोड़ रुपये
Udaipur News: सीएम अशोक गहलोत ने हाल ही में बजट में उदयपुर में बांदों के निर्माण की घोषणा की थी, 30 दिन के अंदर ही सीएम ने इसके लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है
![Rajasthan: उदयपुर में अब नहीं होगी पानी की किल्लत, बांधों के निर्माण के लिए CM गहलोत ने मंजूर किए 1691 करोड़ रुपये CM Ashok Gehlot Approves construction of Dewas-III and IV dam in Udaipur no water Crisis from now ann Rajasthan: उदयपुर में अब नहीं होगी पानी की किल्लत, बांधों के निर्माण के लिए CM गहलोत ने मंजूर किए 1691 करोड़ रुपये](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2023/03/11/33026cc8ade2d14bca7f22cce63ef6041678537591429651_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=1200&height=675)
Udaipur News: उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है, अब चूंकि उदयपुर (Udaipur) में झीलें हैं इसलिए स्वभाविक है कि वहां पानी की कमी तो होगी नहीं लेकिन हकीकत ये है कि गर्मियों के दिनों में शहर के आसपास के एरिया में कभी-कभी पानी की किल्लत हो जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सरकार के नए स्त्रोत विकसित करने के लिए 1691 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने हाल ही में बजट में नए बांधों (Dams) की घोषणा की थी जिसके एक माह के अंदर ही उन्होंने वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है. इस वित्तीय स्वीकृति के बाद अब जल संसाधन विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा और फिर बांधों का काम शुरू हो जाएगा.
यह है योजना
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर शहर में अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देवास-तृतीय एवं चतुर्थ बांधों के निर्माण के लिए 1691 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति दी है. इससे उदयपुर शहरवासियों की पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं का स्थाई निराकरण किया जा सकेगा.
इन बांधों के द्वारा उदयपुर शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए 1 हजार मिलियन क्यूबिक फीट जल प्रतिवर्ष डायवर्ट किया जाएगा. उदयपुर शहर में इन बांधों से 3.43 करोड़ लीटर अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध होने होगा. गहलोत ने बजट 2023-24 में उदयपुर में देवास-तृतीय एवं चतुर्थ बांधों के निर्माण की घोषणा की थी. उक्त बजट घोषणा की अनुपालना में यह स्वीकृति दी है.
इतने लोगों को होगा फायदा
देवास तृतीय जिले की गोगुन्दा तहसील के नाल नाथिया गांव और देवास चतुर्थ गोगुन्दा के ही अम्बावा गांव में बनेगा. देवास चतुर्थ का पानी टनल के माध्यम से देवास तृतीय में आएगा. फिर यहां से आकोदड़ा बांध लाया जाएगा. आकोदड़ा से पिछोला झील में आएगा जहां से लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है. इसके डूब क्षेत्र में आने से करीब 200 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा.
इसे बनने में 5 साल लगेंगे. जल संसाधन विभाग के आकड़ों को देखें तो दोनों बांधों की क्षमता 1093 एमसीएफटी रहेगी. इधर पिछोला झील की करीब 500 एमसीएफटी भराव क्षमता है. अभी शहर में 7.14 लाख की आबादी को 2000 एमसीएफटी पानी की सालभर में सप्लाई होती है. मौजूद हालात में 1740 एमसीएफटी पानी ही है, आने वाले वर्षों में यह मांग और ज्यादा बढ़ जाएगी. ऐसे में यह बांध जरूरतों को पूरा करेंगे. इनसे 8-10 लाख लोगों को वर्षभर पानी मिलेगा.
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