Rajasthan News: एनटीए (National Testing Agency) द्वारा जेईई एडमिशन के नोटिफिकेशन के बाद बोर्ड पात्रता को लेकर बवाल मचना शुरू हो गया है. देश में लाखों विद्यार्थी ऐसे सामने आ रहे हैं जो बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं और ऐसे में उन्हें आईआईटी और एनआईटी जैसे समकक्ष संस्थानों में प्रवेश से वंचित होना पड़ेगा. यह विवाद पात्रता की शर्तों में मिलने वाली छूट को खत्म किए जाने को लेकर है.

50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने किया आवेदन
करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन की आवेदन प्रक्रिया जारी है. अब तक 50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स आवेदन भी कर चुके हैं. यह संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सैकड़ों स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं जिन्होंने असमंजस के बावजूद आवेदन कर दिया है. उनकी मांग है कि तीन वर्षों से जो बोर्ड पात्रता में छूट दी जा रही थी. उसे इस साल भी जारी रखी जाए और यदि बोर्ड पात्रता 75 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 65 प्रतिशत लागू की जाती है तो एक वर्ष पहले सूचित किया जाए. वहीं संबंधित बोर्ड में टॉप-20 पर्सेन्टाइल को बोर्ड पात्रता में शामिल नहीं करने से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी वंचित रह गए हैं.

11 लाख स्टूडेंट होते हैं शामिल
आहूजा ने बताया कि वर्तमान स्थिति में हजारों स्टूडेंट्स असमंजस में हैं और शिक्षा मंत्रालय को इस असमंजस को दूर करना चाहिए. इस संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बोर्ड टॉप-20 पर्सेन्टाइल जोड़ी जाएगी या नहीं. इसके साथ ही 75 प्रतिशत बोर्ड प्राप्तांकों की स्थिति क्या रहेगी. उल्लेखनीय है कि जेईई-मेन देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है. जिसमें करीब 11 लाख स्टूडेंट्स शामिल होते हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा परीक्षा के करीब एक माह पहले ही नोटिफिकेशन जारी किया गया है. स्टूडेंट्स की बात सुनने के लिए कोई समय भी नहीं दिया गया है. इसके अलावा जो स्टूडेंट्स कक्षा 12 में इस साल पास हुए हैं, उनके लिए भी बोर्ड इम्प्रूवमेंट का मौका निकल चुका है.


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