STC BSF जोधपुर ट्रेनिंग सेंटर में जवानों को बनाया जाता है फौलाद, दी जाती है खास ट्रेनिंग
BSF Training Centre: सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, जोधपुर, सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के सबसे पुराने प्रशिक्षण केन्द्रों में से एक है. यहां जवानों को हर तरह की ट्रेनिंग दी जाती है.

STC BSF Jodhpur Training Centre: एसटीसी बीएसएफ जोधपुर (Jodhpur) ट्रेनिंग सेंटर में देश की सभी फोर्सेज के जवान ट्रेनिंग लेने के बाद देश की सुरक्षा में तैनात होते हैं. इन जवानों को ट्रेनिंग के दौरान हथियार चलाने से लेकर आम जीवन में किस तरह से हर परिस्थिति में खुद को ढालने की ट्रेनिंग दी जाती है. देश प्रेम के जज्बे के साथ-साथ इन्हें फौलाद बनाया जाता है और फिर ये जांबाज देश की सुरक्षा करने के लिए तैयार होते हैं. सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, जोधपुर, सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के सबसे पुराने प्रशिक्षण केन्द्रों में से एक है. वर्तमान में इस प्रशिक्षण केन्द्र में 1456 नव आरक्षक कुल 44 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है.
निपुण है प्रशिक्षण देने वाली टीम
बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अनेकों प्रकार के युद्ध कौशल, सामरिक विषय, सामान्य ज्ञान, शारीरिक दक्षता व हथियारों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण टीम प्रशिक्षण केन्द्र के प्रमुख मदन सिंह राठौड़, महानिरीक्षक के नेतृत्व में कार्य कर रही है. ये प्रशिक्षण टीम इतनी निपुण है कि इन्होंने प्रशिक्षण की सभी गतिवीधियों को बारिकी से नव आरक्षकों को सिखलाई दी है. ये नव आरक्षकों सामान्य नागरिक से एक संपूर्ण सैनिक के रूप में कुछ ही सप्ताह के बाद दीक्षान्त प्राप्त करने जा रहे हैं.
विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षा बल है
सीमा सुरक्षा बल भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल होने के साथ-साथ विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षा बल है. इसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में हुआ था. इसकी जिम्मेदारी शांति काल के दौरान भारत की पूर्वी और पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना है. युद्ध काल में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मनों का मुकाबला करना है. ये बल भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा जो पाकिस्तान और बंग्लादेश के साथ लगती है उसकी सुरक्षा करता है. ये सीमाएं पर्वतीय, दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और तटीय इलाकों तक फैली हैं.
ट्रेनिंग में रखा जाता है तमाम बातों का ध्यान
सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी/ घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने की जवाबदेही भी इसी बल पर है. ड्यूटी की तैनाती के लिए बल के जवानों को शरीरिक दक्षता, हथियारों पर निपुणता सामान्य ज्ञान व कानूनी विधि के बारे में भी जानकारी होना आवश्यक है. लिहाजा, प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को सभी विषयों में सिखलाई दी जाती है. कोरोना महामारी के समय में भी पूरी तरह सावधानी बरतते हुए प्रशिक्षण गतिविधियों को जारी रखा गया है.
ये भी पढ़ें:
Bhilwara: पेट में दर्द होने पर अस्पताल पहुंची मूक-बधिर युवती, गर्भवती होने का चला पता...हुआ सनसनीखेज खुलासा
हैरान कर देगी पुनर्जन्म की ये कहानी, 4 साल की बच्ची ने बताई चौंकाने वाली बात...जानकर आप भी रह जाएंगे दंग
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस
