Rajasthan Election 2023: ऐसी विधानसभा सीट जहां 1998 तक कांग्रेस का रहा दबदबा लेकिन 2003 के बाद बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, ऐसे हैं आकड़े
Rajasthan Election 2023: भरतपुर की इस विधानसभा सीट पर 1972 से 1998 तक कांग्रेस का दबदबा रहा है. वहीं 2003 के विधानसभा चुनाव से यहां बीजेपी ने हैट्रिक लगाई है.

Rajasthan Assembly Elections 2023: राजस्थान के भरतपुर जिले की सात विधानसभा सीट में से एक बयाना विधानसभा सीट है. बयाना विधानसभा सीट पर हमेशा कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है. साल 1972 से लेकर 1998 तक के विधानसभा चुनाव में मात्र दो बार किसी अन्य पार्टी का विधायक विधानसभा में पहुंचा है. वहीं साल 2003 के विधानसभा चुनाव के बाद से भारतीय जनता पार्टी ने यहां हैट्रिक लगाई है. लगातार तीन बार बीजेपी प्रत्याशी जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.
2008 के बाद एक हुई विधानसभा सीट
दरअसल, साल 2008 के परिसीमन में बयाना और रूपवास की अलग-अलग सीट को एक ही विधानसभा सीट बयाना-रूपवास कर अनुसूचित जाती के लिए रिजर्व कर दिया है. अब इस पर 2008 से अनुसूचित जाति का प्रत्याशी ही चुनाव लड़ रहे है. वर्ष 1972 के विधानसभा चुनाव में बयाना विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के गिर्राज प्रसाद ने जीत दर्ज की दूसरे नंबर पर गोपाल राम निर्दलीय रहे थे. गिर्राज प्रसाद को कुल 22 हजार 841 वोट मिले थे तो गोपाल राम को 14 हजार 482 वोट मिले थे.
वहीं साल 1977 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा और बयाना विधानसभा सीट पर जनता पार्टी के मुकुट बिहारी लाल विजयी हुए दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी शिव चरन सिंह रहे थे. मुकुट बिहारी लाल 17 हजार 90 वोट मिले थे तो वहीं निर्दलीय प्रत्याशी शिव चरन सिंह को 16 हजार 928 वोट मिले थे. कांग्रेस प्रत्याशी गिर्राज प्रसाद तीसरे नंबर पर रहे थे उनको 10 हजार 854 वोट मिले थे.
1980 में कांग्रेस को मिली जीत
इसके अलावा साल 1980 के विधानसभा चुनाव मे कांग्रेस के जगन सिंह विजयी हुए दूसरे नंबर पर मुकुट बिहारी लाल रहे थे. जगन सिंह को कुल 12 हजार 944 वोट मिले थे और मुकुट बिहारी लाल को 12 हजार 86 वोट मिले थे. इसी तरह साल 1985 के चुनाव में फिर कांग्रेस ने ही बाजी मारी और कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह ने जीत दर्ज की. उन्हें कुल 20 हजार 834 वोट मिले थे दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी ब्रजराज सिंह रहे थे ब्रजराज सिंह को कुल 16 हजार 833 वोट मिले थे. वहीं वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव में बयाना विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने हैट्रिक लगाते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी सालिग राम नेता ने जीत दर्ज की थी. दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह रहे थे. सालिग राम नेता को कुल 15 हजार 275 वोट मिले थे तो निर्दलीय प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह को 14 हजार 852 वोट मिले थे.
फिर 1993 के विधानसभा चुनाव में बयाना विधानसभा सीट पर जनता दल प्रत्याशी ब्रजराज सिंह ने जी दर्ज की थी. दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह सूपा रहे थे. ब्रजराज सिंह को कुल 30 हजार 85 वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहे. ब्रजेन्द्र सिंह सूपा को 26 हजार 224 वोट मिले थे. वर्ष 1998 के चुनाव में फिर कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज की और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह सूपा को 20 हजार 533 वोट मिले. दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी धुर्वेन्द्र सिंह परमार रहे थे. परमार को कुल 18 हजार 854 वोट मिले थे.
2003 के बाद बीजेपी ने लगाई हैट्रिक
इसके बाद कांग्रेस का विजय रथ यहीं पर रूक गया और बीजेपी ने लगातार जीत हासिल की. साल 2003 से लेकर 2013 तक लगातार बीजेपी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अतर सिंह भड़ाना ने जीत दर्ज की थी दूसरे नंबर पर सामाजिक न्याय मंच के प्रत्याशी धुर्वेन्द्र सिंह रहे थे. कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को तीसरा स्थान मिला था. भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अतरसिंह भड़ाना को कुल 41 हजार 377 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे धुर्वेन्द्र सिंह को कुल 21 हजार 972 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेन्द्र सिंह सूपा को कुल 16 हजार 941 वोट मिले थे.
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में बयाना विधानसभा सीट पर बीजेपी के ग्यारसा राम ने जीत दर्ज की थी. ग्यारसा राम को 32 हजार 16 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मुन्नी देवी रही थी मुन्नी देवी को कुल 23 हजार 261 वोट मिले थे. कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा था. कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी निर्भय लाल को कुल 21 हजार 422 वोट मिले थे.
वहीं साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने हैट्रिक बनाते हुए जीत दर्ज की थी. बीजेपी के प्रत्याशी बच्चू सिंह जीतकर विधानसभा पहुंचे. बच्चू सिंह को कुल 43 हजार 868 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी ऋतु बनावत रही थी. ऋतु बनावत को कुल 38 हजार 57 वोट मिले थे. कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी निर्भय लाल फिर तीसरे नंबर पर रहे थे. निर्भय लाल को कुल 33 हजार 748 वोट मिले थे .
पिछले चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत
भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा सीट में गुर्जर मतदाता की संख्या काफी हैं. वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस नेता सचिन पायलट का प्रभाव देखने को मिला. रूपवास- बयाना सीट पर कांग्रेस के अमर सिंह जाटव ने जीत दर्ज कर की थी. अमर सिंह को कुल 86 हजार 962 वोट मिले तो दूसरे नंबर पर रही भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी ऋतु बनावत को को कुल 80 हजार 267 वोट मिले थे. वहीं अब साल 2023 में किस पार्टी के सर जीत का सेहरा बंधेगा यह आने वाला वक्त बताएगा. दोनों ही पार्टिया कांग्रेस और बीजेपी जीत के लिए चुनावी दंगल में कूद चुकी हैं.
ये भी पढ़ें
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

