Allahabad High Court इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की हार के बाद पाकिस्तान के समर्थन में नारा लगाने वाले तीन कश्मीरी छात्रों को जमानत दे दी है. बुधवार को कोर्ट ने आरोपी छात्र इनायत अल्ताफ समेत दो और छात्रों की जमानत याचिका को मंजूर करते हुए रिहाई का आदेश दिया. इसके साथ ही अदालत ने कहा कि हमारे देश की नींव इतनी कमजोर नहीं है कि खाली नारों से झुक जाए.
न्यायाधीश अजय भनोट ने कही ये बात
न्यायाधीश अजय भनोट ने तीनों छात्रों को जमानत देते हुए कहा कि “भारत की एकता बांस का नरकट नहीं है जो खाली नारों की बहती हवाओं के आगे झुक जाएगी. हमारे राष्ट्र की नींव अधिक स्थायी है. शाश्वत आदर्श भारत की अविनाशी एकता को बनाए रखते हैं. जो एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं" इसके साथ ही अदालत ने अपने आदेश में कवि अलमा इकबाल के गीत की पंक्तियां कही, "सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा'
जानिए क्या था पूरा मामला
दरअसल ये मामला आगरा के आरबीएस कॉलेज का है. ये तीनों कश्मीरी छात्र अर्शीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनई पीएम स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत यहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे. 26 अक्टूबर को टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की हार पर इन्होंने खुशियां मनाई और भारत विरोधी नारेबाजी की थी. जिसके बाद देश विरोधी नारा लगाने के आरोप में 27 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ आगरा के पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता 153-A, 505 (1) (बB) 124A के तहत FIR दर्ज की गई थी. कॉलेज प्रशासन ने भी इन पर कार्रवाई करते हुए निष्कासित कर दिया गया था.
याचिकाकर्ता के वकील की दलील
वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी थी कि तीनों छात्रों को झूठे मामले में फंसाया गया था. ये छात्रों के बीच आपसी दुश्मनी का मामला है. ये छात्र जम्मू-कश्मीर से आते हैं जो भारत के मूल्यों का बहुत सम्मान करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है ये सभी न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे.
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