श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष पर लगाया हर्जाना, जानें क्या है मामला
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्षकारों के साथ ही कई हिंदू पक्षकारों ने भी सूट नंबर एक के वकील हरिशंकर जैन की अर्जी पर ऐतराज जताया था. अर्जी को खारिज किए जाने की अपील की थी.

Allahabad High Court: मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष पर पांच हजार रुपए का हर्जाना लगाया है. सूट नंबर एक के याचिकाकर्ता भगवान श्री कृष्ण विराजमान एट कटरा केशव देव खेवट को पांच हजार रुपए का हर्जाना भरना होगा. मुख्य प्रतिवादी यानी यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को हर्जाने की रकम का भुगतान मिलेगा.
हालांकि हर्जाना लगाने के बावजूद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की संशोधन अर्जी को स्वीकार कर लिया है. मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में सूट नंबर एक के याचिकाकर्ता भगवान श्री कृष्ण विराजमान एट कटरा केशव देव खेवट ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर अपनी याचिका में संशोधन की इजाजत दिए जाने की अपील की थी. याचिका में यूनियन ऑफ इंडिया के जरिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया को भी पक्षकार बनाए जाने की इजाजत मांगी थी.
क्या है मामला
इसी तरह की मांग सूट नंबर 16 के याचिकाकर्ता देवता भगवान श्री कृष्ण लला विराजमान ने भी मांगी थी. हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्षकारों के साथ ही कई हिंदू पक्षकारों ने भी सूट नंबर एक के वकील हरिशंकर जैन की अर्जी पर ऐतराज जताया था. अर्जी को खारिज किए जाने की अपील की थी. 5 मार्च को हुई सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था.
जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की सिंगल बेंच का फैसला मंगलवार को अपलोड हुआ है. अदालत ने हिंदू पक्षकार पर पांच हज़ार रुपए का हर्जाना जरूर लगाया है, लेकिन उसकी संशोधन अर्जी को मंजूर कर लिया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि एक महीने के अंदर इस केस में आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया को भी पक्षकार बनाया जाए.
'आंखें गायब..पूरे शरीर पर चोट के निशान', 2 दिन से लापता छात्रा का पेड़ से लटका मिला शव
आज फिर होगी सुनवाई
अदालत में इस मामले में प्रतिवादियों को 19 मार्च को होने वाली सुनवाई में अपना पक्ष रखने को कहा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हिंदू पक्ष की संशोधन अर्जी से मूल मुकदमे के नेचर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. संशोधन अर्जी में कोई ऐसी मांग नहीं की गई है जिससे मुकदमे के स्वरूप पर कोई फर्क पड़ेगा. CPC में इस तरह का प्रावधान है कि याचिका में संशोधन किया जा सकता है.
अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कुछ निर्णय का उदाहरण देते हुए उन्हें आधार भी बनाया है. 19 मार्च को मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई होगी. जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की सिंगल बेंच में दोपहर 2:00 बजे से सुनवाई होगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट से आज आए फैसले को हिंदू पक्ष पूरी तौर पर अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहा है.
मथुरा के मंदिर मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष की तरफ से दाखिल की गई डेढ़ दर्जन याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट अयोध्या मामले की तर्ज पर सीधे तौर पर सुनवाई कर रहा है. हालांकि हाईकोर्ट में अभी तक इन मुकदमों का ट्रायल शुरू नहीं हो सका है. अभी वाद बिंदु भी तय नहीं हो सके हैं.
ट्रेंडिंग न्यूज
टॉप हेडलाइंस

