'क्राइसिस मैनेजमेंट' के माहिर खिलाड़ी थे अमर सिंह, हर पार्टी में अपनी खास पैठ रखते थे
समाजवादी पार्टी मे रहते हुये अमर सिंह ने यूपी की सियासत में खास जगह बना ली थी. एक दौर था जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव बिना अमर सिंह की सलाह के कोई भी काम नहीं करते थे.
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नोएडा: राज्यसभा सांसद व समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का शनिवार को सिंगापुर में 64 साल की उम्र में निधन हो गया. वे लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. उनका अस्पताल सिंगापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था. एक दौर था जब अमर सिंह यूपी की सियासत के लिये अपरिहार्य हो गये थे. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के वे खासम खास थे. अमर सिंह का विवादों से भी गहरा नाता रहा. पारिवारिक विवाद को लेकर उन्हें समाजवादी पार्टी तक छोड़नी पड़ी.
एक जमाना था जबकि समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह उन पर बहुत भरोसा करते थे लेकिन पार्टी की बागडोर अखिलेश के हाथों में आने के साथ ही अमर सिंह को साइड लाइन कर दिया गया. एक जमाना था जब पार्टी के लिए वे सबसे उपयुक्त माने जाते थे. नेटवर्किंग से लेकर तमाम अहम जिम्मेदारियों का दारोमदार उनके कंधों पर था.
अमर की सलाह पर काम करते थे मुलायम
90 के दशक के आखिर में अमर सिंह को उत्तर प्रदेश में शुगर लॉबी का असरदार आदमी माना जाता था. इसी सिलसिले में उनकी तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से करीबी बढ़ी. साल 1996 के में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. फिर जल्दी ही पार्टी के महासचिव बना दिये गए. वो ताकतवर होते गए. उस दौर में ये माना जाता था कि मुलायम कोई भी काम बिना उनकी सलाह के नहीं करते थे.
अमर सिंह के विरोधी उन्हें बेहद महत्वाकांक्षी और साजिश रचने वाला मानते थे तो उनके समर्थक उन्हें फंड रेजर और क्राइसिस मैनेजमेंट का माहिर बताते थे. कारोबारी अमर सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनके संबंध सभी पार्टियों में थे जिसके कारण वे 'संकटमोचक' के तौर पर उभरते रहे.
मनमोहन सरकार के संकट मोचक
ये भी कहा जाने लगा कि राजनीति में अमर सिंह के लिए कोई भी काम असंभव नहीं. 2008 में भारत की न्यूक्लियर डील के दौरान वामपंथी दलों ने समर्थन वापस लेकर मनमोहन सिंह सरकार को अल्पमत में ला दिया. तब अमर सिंह ने ही समाजवादी सांसदों के साथ साथ कई निर्दलीय सांसदों को भी सरकार के पाले में ला खड़ा किया. संसद में नोटों की गड्डी लहराने का मामला भी सामने आया. इस मामले में अमर सिंह को जेल भी जाना पड़ा. अमर सिंह को सियासत, फिल्म, उद्योग जगत हर जगह अपनी पैठ बनाने में माहिर माना जाता था.
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