अयोध्या: रामविलास वेदांती ने दिया बड़ा बयान, चंपत राय पर लगाया संतों की उपेक्षा का आरोप
राम विलास वेदांती ने श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय पर निशाना साधा है. वेदांती ने कहा कि राय चाहते हैं कि राम मंदिर छोटा बने, जबकि अशोक सिंघल ने संतों के साथ बैठककर आश्वासन दिया था कि यहां विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर होगा.

अयोध्या, एबीपी गंगा। अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भाजपा के पूर्व सांसद और संत राम विलास वेदांती ने अयोध्या में बड़ा बयान दिया है. वेदांती ने श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संतों की उपेक्षा का आरोप लगाया है, साथ ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी नाराजगी व्यक्त की है. वेदांती ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय संतों को उपेक्षित किया जा रहा है और चंपत राय ने एक महीने से मुलाकात नहीं की है.
वेदांती ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के समय जब तक ढांचा नहीं गिरा था तब तक चंपत राय कहीं नहीं नजर आए थे और अब मलाई खाने के लिए सबसे आगे आए हैं. उन्होंने कहा कि आयोध्या में विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर बने जो इस्लामाबाद, काठमांडू और कोलकाता से दिखाई दे. वेदांती ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया गया है कि हिंदू भावनाओं की रक्षा के लिए विश्व का सबसे ऊंचा और सबसे भव्य मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए.

रामवि लास वेदांती ने राम जन्म भूमि के स्वरूप को भी लेकर के प्रश्न उठाया है और उस पर भी चंपत राय को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राय चाहते हैं कि राम मंदिर छोटा बने, जबकि अशोक सिंघल ने संतों के साथ बैठककर आश्वासन दिया था कि यहां विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर होगा. रामविलास वेदांती ने प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

बता दें कि, अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ है और इस ट्रस्ट में कई लोग शामिल किए गए हैं. राम मंदिर निर्माण के निमित्त श्री रामलला को नए स्थाई भवन में शिफ्ट भी किया गया है और अब मंदिर परिसर में धीरे-धीरे साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है. लेकिन इस बीच राम विलास दास वेदांती ने नाराजगी व्यक्त करते हुए चंपत राय पर संतो की उपेक्षा का आरोप लगाया है.



















