Rampur News: शत्रु संपत्ति मामले में अब्दुल्लाह आजम को जमानत मिलने के बाद 19 फरवरी को रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने अब्दुल्लाह आज़म की माँ ताजिम फातिमा बड़े भाई अदीब आजम और उनकी फुप्पो (बुआ) की ज़मानत मंजूर कर दी. शत्रु संपत्ति में रेवेन्यू डॉक्यूमेंट में हेरफेर करने के मामले में यह मुकदमा सन 2020 में दर्ज हुआ था. इसमें 2023 में चार्जशीट फाइल की गई थी. इसके बाद कोर्ट में इन्वेस्टीगेशन के आधार पर अब्दुल्लाज़म और आजम खां को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. अब्दुल्लाह आजम को जमानत मिलने के बाद एमपी एमएलए कोर्ट में प्रस्तुत होकर ताजीन फातिमा, निघत अखलाक और अदीब आज़म ने इस मामले में भी एप्लिकेशन लगाई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए तीनों की जमानत मंजूर कर दी है.
इस मामले में अब्दुल्लाह आजम की माँ ताजिन फ़ातिमा ने बताया, 'कस्टोडियन के संबंध में एक मुकदमा किया गया था, उसी सिलसिले में जमानत के लिए आए थे. इसमें कोई खास बात नहीं है मामले में हमें अंतरिम जमानत मिली है, यह मामला कस्टोडियन रिकार्ड को खुर्द बुर्द करने का था, जो कि झूठा दर्ज किया गया था. रिकॉर्ड रूम की तो मैने शक्ल भी आज तक नहीं देखी.' वहीं उन्होंने अब्दुल्लाह आजम को जमानत मिलने के बाद बाहर आने के सवाल पर कहा अच्छा महसूस कर रही हूँ.
अब्दुल्लाह आजम के अधिवक्ता ने क्या कहा?
अब्दुल्लाह आजम के अधिवक्ता ज़ुबैर अहमद खान ने बताया कि जिस मुकदमें में मोहम्मद अब्दुल्लाह आज़म खान को बेल मिली थी, उस मुकदमे में आज उनकी माता डॉक्टर ताज़ीन फातिमा उनके भाई अदीब आज़म और उनकी फुफ्फों निघत अखलाक को अदालत ने सुनवाई के बाद जमानत दे दी है. उन्होंने सरेंडर किया था रहा और आज हम लोगों ने उनकी जमानत दरखास्त दी थी. यह 2020 में एफआईआर दर्ज हुई थी और यह शत्रु संपत्ति से सम्बंधित जो रेवेन्यू रिकॉर्ड है उसमें हेरा फेरी से एंट्री प्रविस्ठियो से रिलेटेड इलीगेशन्स थे.
आज जो लोग इस मुकदमे में अपीयर हुए थे उन सबकी बाकी मुकदमों में जमानत पहले ही हो चुकी है. इन लोगों ने पहले ही सरेंडर किया था. ये लोग पहले से बाहर थे, अब्दुल्ला आज़म खान फिलहाल अंदर हैं, उनकी सारे मुकदमों में जमानत हो गई है. इस मामले में जो श्योरिटी बॉन्ड फाइल किए गए वह प्रोसेस में है.
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