Basti News: लकड़ी का ये पुल बन सकता है 'मौत का सफर', मजबूर गांव वालों ने खुद बनाया, वजह परेशान करने वाली
UP News: ग्रामीणों ने बताया कि कार्य पूरा होने की बात तो दूर निर्माण शुरू भी नहीं किया गया. प्रशासन के ढुल मुल रवैये को देख हम लोगों को मजबूरी में लकड़ी का पुल बनाना पड़ा.

Uttar Pradesh News: यूपी के बस्ती (Basti) जिले में एक और बांस और बल्ली पटरी का पुल अस्तित्व में आ गया है. बता दें कि बस्ती जिले की कुवानों नदी के कछुआड़ घाट पर पुल व अप्रोच निर्माण के लिए राज्य सेतु निगम की तरफ से 90 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति शासन की तरफ से दिसम्बर 2021 में मिल भी गई. पुल व अप्रोच निर्माण के लिए शासन ने 50 लाख रिलीज भी कर दिए, लेकिन फिर भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया. बजट रिलीज होने के बाद भी पुल का निर्माण नहीं हुआ. आने जाने में काफी परेशानी होने की वजह से ग्रामीण विवश हो गए. इसके बाद ग्रामीणों ने जन सहयोग से 70 हजार की लागत से लगातार चार दिन काम करके लकड़ी का पुल बना दिया ताकि वे आसानी से नदी पार कर सकें, लेकिन ये पुल कभी भी टूट सकता है.
कभी भी हो सकता है हादसा
बता दें कि कछुआड़ घाट पर पुल बन जाने से लगभग 20 से भी अधिक ग्रामीणों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. वहीं लोगों को आने जाने में काफी सहूलियत भी मिल सकेगी. फिलहाल अभी लोग लकड़ी के पुल से आवागमन कर रहे हैं. अगर शासन प्रशासन का यही ढुल मुल रवैया जारी रहा तो लकड़ी के पुल से आने जाने पर कभी भी भारी जनहानि हो सकती है. ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी इसी लकड़ी के पुल से स्कूल आने जाने को विवश हैं, बांस बल्ली से बना यह पुल कब टूट जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है.
गांव के लोगों ने क्या बताया
ग्रामीणों ने बताया कि शासन से पैसा मिलने के बाद राज्य सेतु निगम द्वारा यहां सर्वे का कार्य भी कराया गया था. कुछ माह तक यहां क्रेन भी खड़ी रही, लेकिन फिर तकनीकी खामियों को बता कर राज्य सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि अभी तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए था. कार्य पूर्ण होने की बात तो दूर निर्माण कार्य शुरू भी नहीं किया गया. प्रशासन के ढुल मुल रवैये को देख हम लोगों को मजबूरी में लकड़ी का पुल बनाना पड़ा ताकि आने जाने में आसानी हो.
अधिकारियों ने क्या कहा
राज्य सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुल का बजट 2018 को आधार बनाकर रिलीज किया गया है, जबकि उस बजट पर निर्माण करा पाना मुश्किल है. बजट रिवाइज करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है. स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा. जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि राज्य सेतु निगम के अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया है. तकनीकी स्वीकृति न मिल पाने के कारण पुल का निर्माण नहीं हो सका है. जल्द ही शासन से बात करके पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा.
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