Manipur Violence: मणिपुर हिंसा को लेकर मायावती ने एक बार फिर उठाए विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल, सरकार से की ये मांग
Manipur Violence Video: बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष पर सवाल उठाए हैं. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस मुद्दे का सामूहिक हल ढूंढने की कोशिश हो.
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Mayawati on Manipur Violence: मणिपुर हिंसा को लेकर आज सोमवार को फिर संसद सत्र के तीसरे दिन हंगामे के आसार हैं. विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से सदन में बयान देने की मांग कर रहे हैं. विपक्ष ने आज फिर से सरकार को सदन में घेरने की रणनीति तैयार की है वहीं सत्ता पक्ष भी राजस्थान (Rajasthan) और पश्चिम बंगाल (West Begal) को लेकर हमलावार है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने एक बार फिर से मणिपुर मुद्दे (Manipur) को लेकर बयान दिया है. बसपा सुप्रीमो ने इसे लेकर सरकार और विपक्षी दोनों के रवैये पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय समस्या का हल ढूंढा जाए.
मणिपुर में दो महिलाओं के साथ किए बर्बर रवैये को लेकर मायावती लगातार सवाल उठा रही है. उन्होंने इस मुद्दे पर दोनों पक्षों को राजनीति न करने की सलाह दी है. मायवाती ने कहा कि "मणिपुर के हालात लगातार गंभीर व चिन्ताजक बने रहने के कारण इसका दुष्प्रभाव व पलायन पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ना स्वाभाविक, जिसको लेकर संसद में चर्चा नहीं हो पाने से स्थिति विषम. शान्ति की बहाली, लोगों की सुरक्षा व उनके जख्मों पर मरहम लगाकर क्षेत्र में जनजीवन सामान्य बनाना जरूरी है."
मायावती ने सरकार और विपक्ष पर उठाए सवाल
मायावती ने आगे कहा कि "मणिपुर पर चर्चा पर सहमति के बावजूद संसद के चालू सत्र के पहले दो दिन का समय नियम विवाद को लेकर बर्बाद हो जाना दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार-विपक्ष आरोप-प्रत्यारोप व एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय समस्या का हल ढूंढने का सामूहिक प्रयास करें. मणिपुर पर चर्चा व सरकारी वक्तव्य जरूरी है."
आपको बता दें मणिपुर मामले पर विपक्षी दलों का गठबंधन बीजेपी को जमकर घेर रहा है. विपक्ष लगातार इसी बात पर अड़ा है कि जब तक मणिपुर में हुई हिंसा की चर्चा संसद में नहीं होती और खुद प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब नहीं देते हैं तब तक सदन में और कोई काम नहीं होना चाहिए. वहीं सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि वो चर्चा के लिए तैयार है. सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के साथ मणिपुर मुद्दे पर चर्चा कराने पर सहमत है. पहले दो दिन भी इस मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला था. विपक्ष मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे और वहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग कर रहा है.
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