शिक्षण संस्थानों में देश विरोधी नारों से शिक्षा और शिक्षकों पर सवाल खड़े होते हैं : सीएम योगी
सीएम योगी ने दिव्यांग बच्चों की ट्रैकिंग और समावेशन के लिए 'समर्थ' तकनीकी प्रणाली, आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन के लिए 'शारदा' तकनीकी प्रणाली का डिजिटल विमोचन किया।

लखनऊ, एबीपी गंगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार और CSR कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के उच्चीकरण के लिए 350 विद्यालयों के भवन निर्माण का शिलान्यास किया। अब इन विद्यालयों में छात्राएं कक्षा 12वीं तक पढ़ेंगी। पहले यहां 8वीं तक पढ़ाई होती थी। इसके साथ ही सीएम योगी ने दिव्यांग बच्चों की ट्रैकिंग और समावेशन के लिए 'समर्थ' तकनीकी प्रणाली, आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन के लिए 'शारदा' तकनीकी प्रणाली का डिजिटल विमोचन किया।
कार्यक्रम में सीएम योगी ने क्वालिटी एजुकेशन के लिए तैयार 3 मॉड्यूल्स का भी विमोचन किया। इस मौके पर सीएम योगी ने बेसिक शिक्षा परिषद् में NCERT पाठ्यक्रम लागू करने में निर्देश दिए। आंगनबाड़ी में जाने वाले बच्चों को प्री प्राइमरी एजुकेशन देने की बात सीएम ने कही। इस मौके पर बताया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में 109 कंपनियों साथ MOU किये हैं जिनसे शिक्षा क्षेत्र में 114 करोड़ का निवेश आएगा। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत तमाम नामी कम्पनियां हैं।
सीएम योगी ने शिक्षण संस्थानों में नारेबाजी की घटनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जब उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्र विरोधी नारे लगते हैं तो शिक्षा पर सवाल उठता है। कुछ लोग उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रमाता के हाथ पैर काटने को तैयार दिख रहे, उसके विखंडन के नारे लगाये जा रहे हैं। इससे शिक्षा और शिक्षकों पर प्रश्न खड़े होने लगते हैं।
सीएम ने कहा की 3 साल पहले जब प्रदेश की कमान हाथों में ली तो हर तरफ अराजकता का माहौल था। बड़ी संख्या में प्रॉक्सी टीचर थे। हमनें प्रॉक्सी टीचर की व्यवस्था को समाप्त किया। 92 हजार स्कूलों की तस्वीर ऑपरेशन कायाकल्प से बदली। अगर सरकार पैसा देती तो हजारों करोड़ खर्च होते, भ्रष्टाचार की शिकायतें आती। जब अच्छा काम होता तो भी कुछ लोग शिकायत लेकर पहुंच जाते। एक टीम जिनका काम ही ऊंगली उठाना, कमी देखना है।
सीएम ने कहा की शिक्षक को जनगड़ना के काम में लगाया जाये तो खुशी से घर-घर जाइये। इससे बेहतर संवाद का तरीका नहीं, वहां की सामाजिक भौगोलिक स्थिति को जानें। एक शिक्षक सरकारी नौकर नहीं राष्ट्र का भाग्यविधाता होता है। सीएम योगी ने कहा पूर्ववर्ती सरकार में गर्मी में भी टीचर स्कूल में स्वेटर सिलते और बच्चे भैंस चराते थे। हमें मौका मिला तो स्कूल चलो अभियान से 3 साल में 50 लाख छात्र छात्राएं बढ़े हैं। उन्होंने कहा की मेरे पास ऐसे शिक्षकों के नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के नाम आये जो कभी स्कूल नहीं जाते, मैंने ऐसे नाम कटवा दिए। हमारे यहां बेसिक शिक्षा में 1.80 करोड़ छात्र छात्राएं जितनी कई राज्यों की जनसंख्या नहीं। हमारे प्रदेश में जितना शिक्षा विभाग का बजट उतना कई राज्यों का वार्षिक बजट नहीं।
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Source: IOCL
























