उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव अगले साल होने वाले हैं. प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं. इनमें से 317 सीटें अनारक्षित हैं. वहीं अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 84 और अनुसूचित जनजाति के लिए 2 सीटें आरक्षित हैं. विधानसभा सीटों के लिए एक क्रम संख्या निर्धारित है. अपने नाम के साथ-साथ विधानसभा सीटें अपने नंबर से भी जानी जाती हैं.
बेहट में किसे मिला बहुमत
उत्तर प्रदेश विधानसभा की पहली सीट बेहट है. यह सहारनपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों में से एक है. आइए जानते हैं कि 2017 के चुनाव में उत्तर प्रदेश के पहले नंबर की विधानसभा सीट पर किस पार्टी ने किस तरह का प्रदर्शन किया. साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था. उसने 384 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 312 पर जीत दर्ज की थी. लेकिन इस प्रचंड लहर में भी बीजेपी बेहट विधानसभा सीट पर जीत नहीं पाई थी.
बेहट में कांग्रेस के उम्मीदवार नरेश सैनी ने बसपा छोड़ बीजेपी में आए महावीर सिंह राना को 25 हजार 677 वोट से हराया था. सैनी को 97 हजार 35 और राना को 71 हजार 135 वोट मिले थे. वहीं 71 हजार 19 वोट पाकर बसपा के मोहम्मद इकबाल तीसरे नंबर पर रहे थे. साल 2012 के चुनाव में यह सीट बसपा ने जीती थी. तब बसपा के महावीर सिंह राना ने कांग्रेस के नरेश सैनी को 514 वोट से हराया था.
उत्तर प्रदेश की पहली विधानसभा सीट पर परचम लहराने के बाद भी कांग्रेस का प्रदेश के बाकी के हिस्से में प्रदर्शन दयनीय रहा था. पार्टी पूरे प्रदेश में केवल 7 सीटें ही जीत पाई थी. इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने सपा से समझौता किया था. पिछले विधानसभा चुनान में बेहट विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 36 हजार 576 मतदाता थे. लेकिन केवल 2 लाख 52 हजार 559 या 75.04 फीसद मतदाताओं ने ही मतदान किया था. बेहट में 2017 में अनुसूचित जाति के 2 उम्मीदवारों समेत कुल 14 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. इनमें से केवल 3 ही अपनी जमानत बचा पाए थे.