Assembly Elections 2023: कांग्रेस के लिए क्यों प्रचार नहीं कर रहे हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम? आलाकमान पर खड़े किए ये सवाल
UP Politics: बेबाक टिप्पणी के लिए मशहूर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम चुनावी राज्यों में प्रचार अभियान से दूरी बनाए हुए हैं. ऐसे में सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या उनकी कांग्रेस से नाराजगी है?
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Assembly Elections 2023: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. सभी दलों ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. चुनावी राज्यों में कांग्रेस (Congress) नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार करते नजर नहीं आ रहे हैं. कांग्रेस के लिए प्रचार से दूर रहने का सवाल पूछे जाने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम नाराजगी का खंडन करते हैं. उनका कहना है कि नाराजगी का सवाल नहीं है. हो सकता है आलाकमान को मेरी जरूरत न हो और हो सकता है उन्हें एक हिंदू धर्मगुरू को स्टार प्रचारक नियुक्त करने के मकसद में कुछ खामी नजर आती है. इसलिए मुझे चुनाव प्रचार के मैदान में नहीं उतारा गया.
धर्मगुरू को चुनाव अभियान का स्टार प्रचारक नहीं बनाया
धर्मगुरू को चुनाव अभियान का स्टार प्रचारक नियुक्त करने के पीछे आलाकमान को आपत्ति रही होगी. इसलिए चुनावी राज्यों में प्रचार करने का मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा कि स्टार प्रचारक बनाना या नहीं बनाना पार्टी का मामला है. बता दें कि कांग्रेस नेता का बयान कई बार पार्टी को असहज कर देता है. आचार्य प्रमोद कृष्णम विदेश नीति, राजनीति और स्थानीय मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं. पिछले दिनों उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी दलों को निशाना बना चुके हैं.
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आलाकमान के लिए कही बड़ी बात
इजरायल और हमास के बीच जंग पर बोलते हुए उन्होंने बड़ा बयान दिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि फिलिस्तीन को समर्थन देने पर इंडिया गठबंधन के घटक दलों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेताओं को हमास की शरण में भी जाने से गुरेज नहीं है. सनातन धर्म विवाद में भी कांग्रेस नेता कूद चुके हैं. डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान पर उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म को गाली देना फैशन बन गया है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुद्दे पर आचार्य प्रमोद कृष्णम और कमलनाथ में जुबानी तीर चल चुकी है. दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाली थी.
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