Etah News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एटा (Etah) में भू माफियाओं द्वारा किए गए सरकारी जमीनों के नये नये घोटाले एक के बाद एक लगातार सामने आ रहे हैं. दरअसल, ताजा घोटाला 5 एकड़ सरकारी बंजर जमीन का है जिसकी कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है. भू माफियाओं ने नेशनल हाईवे 91 पर स्थित शीतलपुर ग्राम सभा की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से प्लॉटिंग कर कॉलोनी काट दी, जिसमें मकान भी बनकर तैयार हों गए. जिला प्रशासन ने इस जमीन को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया है और शासन ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी है. 


एटा जनपद में नेशनल हाईवे 91 पर जेएलएन डिग्री कॉलेज के सामने शीतलपुर ग्राम सभा की करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की 5 एकड़ भूमि पर भू माफियाओं ने अवैध रूप से कब्ज़ा करके उस पर कॉलोनी काट दी और प्लाट बेच दिए. इस पर लोगों ने अपनी खून पसीने की करोड़ों रुपये की कमाई से अपने आशियाने भी बना लिए. आरोप है कि इस भूमि पर भू माफिया नरेंद्र देव उपाध्याय और उसके साथियों ने अवैध रूप से कब्जा कर सरकारी नॉन जेड ए की बंजर ज़मीन पर कॉलोनी बनाकर प्लॉट बेच दिए, जिसमें अधिकांश मकानों के निर्माण भी हो चुके हैं.


घोटाले की जांच शुरू की गई
इस मामले को एटा के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने गंभीरता से लेते हुए इस सरकारी जमीन को भू माफियाओं के कब्जे से छुड़ाकर दोबारा सरकार के खाते में दर्ज करवा दिया और इस जमीन की खरीद फरोख्त और इस पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी. इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए एटा के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश शासन से इस मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की. चंद्र प्रकाश शुक्ल पुलिस अधीक्षक, राज्य विशेष अनुसन्धान दल, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा एटा जिला अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल को पत्र लिखकर मामले में एसआईटी गठित होने की जानकारी दी गयी. 


एसआईटी के जांच निरीक्षक अवध किशोर शुक्ल द्वारा इस घोटाले की जांच भी शुरू कर दी गयी है. जिलाधिकारी को लिखे पत्र में भूमि घोटाले से संबंधित सभी रिकॉर्ड मूल अभिलेख, साक्ष्य,सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग सहित किसी अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए एसआईटी जांच टीम का सहयोग करने को कहा गया है. इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए एटा के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने एटा के तहसीलदार चंद्र किशोर सिंह को इस मामले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है.


इससे पहले भी नरेन्द्र देव उपाध्याय और मनोज चतुर्वेदी पर करीब 200 करोड़ रुपये कीमत की 250 बीघा सरकारी बंजर की जमीन पर सर्वोदय आश्रम ट्रस्ट के नाम पर सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी ज़मीन को कब्जाकर उसमें से कुछ जमीन को अवैध तरीके से बेच देने के आरोप में कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज हों चुकी है.


नरेंद्र देव उपाध्याय आरएसएस के अनुसांगिक संगठन सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष हैं.  इस सम्बन्ध में एटा के अपर जिला अधिकारी वित्त और राजश्व आयुष चौधरी ने बताया कि एटा तहसील सदर के अंतर्गत 5 एकड़ नॉन जेड ए की सरकारी और सार्वजानिक संपत्ति थी. उस पर कुछ व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से स्वामित्व हासिल करके उसपर प्लाटिंग कर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया गया था. 


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