यूपी के फतेहपुर में किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को छात्रों के प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है. बुधवार सुबह ही डीआईओएस, एसडीएम सहित पूरा प्रशासनिक अमला कॉलेज पहुंचकर छात्रों की मांगों को पूरा करने में लग गया. स्कूल में पंखा, वायरिंग, पानी की व्यवस्था और साफ-सफाई का कार्य चालू कराया गया. 

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वहीं आंदोलनकारी छात्र अंकुश सोनकर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि छात्रों द्वारा किए गए प्रोटेस्ट के बाद से हमें परेशान किया जा रहा है. सिविल ड्रेस में पुलिस को लोग घर आते हैं और थाने आने का दबाव बना रहे हैं. हमने अपनी समस्या की पहले भी शिकायत की थी लेकिन, निवारण नहीं हुआ और उल्टा हमें स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती रही.  

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छात्रों ने किया था विरोध प्रदर्शन

दरअसल फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के करीब 1800 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. छात्रों ने मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए स्कूल में शुद्ध पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं दिए जाने की माँग की थी. छात्रों का कहना था कि कई कमरों में पंखों की व्यवस्था नहीं है. पर्याप्त बेंच न होने से भी छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है.

छात्रों के पुलिस पर गंभीर आरोप

मामले की जानकारी मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्कूल पहुंचे थे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने खेल मैदान की साफ-सफाई कराने, जिन कमरों में पंखे नहीं हैं वहां पंखे लगवाने, छात्रों के लिए आरओ (RO) प्लांट की व्यवस्था करने तथा जिन कक्षाओं में बेंच की कमी है, वहां जल्द बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. 

छात्रों द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पुलिस व लोकल इंटेलीजेंस की टीम छात्रों के घर पर गई थी और घटनाक्रम के जानकारी के बारे में पूछताछ की है. डराने-धमकाने या थाने आने जैसे आरोप निराधार है.

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डीएम ने दिया आश्वासन

डीएम फतेहपुर निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि बच्चों की मांगे जायज हैं. प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि ये सारी मूलभूत सुविधाएं अति शीघ्र बच्चों को उपलब्ध करा दी जाए. शौचालय और साफ सफाई की समस्या को हल कर दिया गया है. पंखे में कुछ कमरों में लगा दिए गए हैं. प्रबंधकों को निर्देश है कि मूलभूत सुविधाओं की समस्या का निराकरण कराया जाए. 

डीएम ने छात्रों को परेशान किए जाने के आरोप पर कहा कि यह सारा मामला लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने का है. वहां पर कोई भी सामाजिक तत्व इस चीज का फायदा ना उठाएं क्योंकि हमें साथ-साथ यह भी देखना है कि बच्चों का भविष्य उनके पढ़ाई संबंधित है. 

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