UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बार फिर लखनऊ विजिलेंस के निर्देश पर अमेठी डीएम ने एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. अमेठी के आवास विकास कॉलोनी स्थित भवनों का मूल्यांकन कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट डीएम को सौंपने को कहा है. बता दें, गायत्री प्रजापति की पत्नी महाराजी देवी अमेठी विधानसभा से विधायक हैं.

तीन दिन के भीतर सौंपेंगे रिपोर्ट
सपा सरकार में पूर्व खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के आवास विकास कॉलोनी में ही कई मकान और भूखंड हैं. उनका कार्यालय भी इसी कॉलोनी में है. इसके साथ ही उनके चार आवासीय मकान भी हैं. जिसके मूल्यांकन कराने का आदेश अमेठी डीएम ने दिया है. अमेठी डीएम राकेश कुमार मिश्र ने 3 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

जिला अधिकारी को लिखा पत्र
अमेठी डीएम के आदेश के अनुसार मूल्यांकन कमेटी अपने साथ संबंधित राजस्व कर्मियों के साथ मूल्यांकन करेगी. इस आशय पत्र पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जिला अधिकारी अमेठी को लिखा गया है. पत्र में लिखा गया है कि पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके परिवार वालों द्वारा अमेठी में अलग-अलग जगह आवासीय भवनों का निर्माण किया गया है. जिसकी सूची संलग्न की गई है. जिसकी जांच कर आख्या अति शीघ्र शासन को प्रेषित किया जाना है.

मिली है आजीवन कारावास की सजा
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैंगरेप के मामले में दोषी करार दिया था. गायत्री के साथ दो अन्य आरोपी आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी भी दोषी पाए गए थे, जबकि चार आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था. चित्रकूट की महिला ने साल 2016 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके सहयोगियों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी. पीड़िता का कहना था कि खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति ने उन्हें खनन के पट्टे दिलाने का झांसा देकर गौतमपल्ली स्थित आवास बुलाकर कई बार रेप किया. साल 2014 से जुलाई 2016 तक उसका शोषण किया जाता रहा.