Amethi Assembly Election: अमेठी में विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है. एक तरफ जहां जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी सपा प्रत्याशी महाराजी देवी अपने दोनों बेटियों के साथ ग्रामीणों के बीच रो रो कर वोट मांग रही हैं तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शुक्ल की बहू जयवाहिनी शुक्ला 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' के साथ लोगों के बीच जाकर कांग्रेस को वोट देने की अपील कर रही है. इतना ही नहीं भाजपा प्रत्याशी डॉ संजय सिंह की पत्नी पूर्व मंत्री अमिता सिंह भी क्षेत्र में अमन चैन और तरक्की के नाम पर अपने पति के लिए प्रचार कर वोट मांग रही हैं.


गायत्री प्रजापति की पत्नी ने रोते हुए मांगे वोट
2012 की सपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी प्रजापति को समाजवादी पार्टी ने अमेठी विधानसभा से टिकट देकर मैदान में उतारा है. सपा प्रत्याशी बनने के बाद महाराजी देवी अपनी दोनों बेटियों के साथ लगातार क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर रही हैं और अपनी बेटियों के साथ आंसू बहाकर अपने पति को न्याय दिलाने के नाम पर वोट मांग रही हैं. मीडिया से बात करते हुए महाराजी देवी ने कहा कि मैं चुनाव जीतने के लिए लड़ रही हूं. अमेठी की जनता मेरे पति को न्याय दिलाएगी. ये कहते हुए वो फफक फफक कर रोने लग रही हैं. इतना ही भीड़ में मौजूद महिलाएं भी उनसे लिपटकर रोते हुए दिखती हैं. 


मां के लिए प्रचार कर रही हैं बेटियां


महाराजी अपनी बेटियों के साथ ग्रामीणों के बीच जाकर लोगों से न्याय की अपील कर रही हैं. जब उनकी आंखों से आंसू छलकते हैं तो बेटियां उन्हें संभालती हैं. सपा सरकार में खनन मंत्री और परिवहन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में दोषी सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. गायत्री प्रजापति इस समय जेल में सजा काट रहे हैं. ऐसे में उनकी पत्नी को समाजवादी पार्टी ने अमेठी से सपा उम्मीदवार बनाया है. 2017 के विधानसभा चुनाव में गायत्री प्रजापति को भाजपा प्रत्याशी गरिमा सिंह ने करीब पांच हजार मतों से हरा दिया था. विधायक बनने के बाद गरिमा सिंह ने भी क्षेत्र की जनता से दूरी बनाकर रखी जिसका नतीजा ये रहा कि इस बार भाजपा ने सिटिंग विधायक गरिमा सिंह का टिकट काटकर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह को मैदान में उतारा है.


बीजेपी प्रत्याशी संजय सिंह की पत्नी ने संभाला मोर्चा

एक तरफ जहां महाराजी रो-रोकर चुनाव प्रचार कर रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी प्रत्याशी डॉ संजय सिंह भी ताबड़तोड़ जनसभाएं कर लोगों से सुशासन के नाम पर वोट मांग रहे हैं. अपने पति का साथ देने के लिए उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमिता सिंह भी मैदान में कूद पड़ी हैं और गांव गांव जाकर डोर टू डोर कैंपेन कर ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील कर रही हैं. 

 

कांग्रेसी उम्मीदवार की बहू भी पीछे नहीं

कांग्रेस ने इस सीट से भाजपा के बागी पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री आशीष शुक्ला को टिकट दिया है. आशीष जहां अपने बेटे ब्लाक प्रमुख आकर्ष शुक्ला के साथ गांव गांव जाकर जनसभाएं कर रहे तो उनकी बहू ने भी चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में ले ली है. आशीष शुक्ला की बहू जयवाहिनी शुक्ला भी अपने ससुर के लिए लगातार गांव गांव जाकर डोर टू डोर कैम्पैन कर रही हैं और "लड़की हूं, लड़ सकती हूं' के नारे के साथ विकास का दावा कर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं.