कुंडली में ग्रहों को शक्तिशाली बनाते हैं रत्न, धारण करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ग्रह से संबंधित रत्न धारण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इन रत्नों को धारण करने के नियम भी होते हैं। अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो फिर रत्नों के दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं।

ज्योतिषशास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व है। हर रत्न का जीवन पर अलग प्रभाव पड़ता है। माना जाता है कि शरीर का निर्माण कई प्रकार की धातुओं के संयोग से हुआ है, यही वजह है कि ये रत्न जीवन व शरीर को प्रभावित करते हैं। रत्नों को ग्रहों की शांति के लिए और उन्हें शक्तिशाली बनाने के लिए भी धारण किया जाता है।
ग्रह से संबंधित रत्न धारण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इन रत्नों को धारण करने के नियम भी होते हैं। अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो फिर रत्नों के दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं। रत्न को धारण करने से पहले कुंडली का अध्ययन किसी अच्छे ज्योतिषाचार्य से जरूर करवाएं और उनकी सलाह पर ही रत्न धारण करें। तो चलिए आपको बताते हैं कि ग्रहों के लिहाज से किस रत्न को धारण करने से लाभ मिलता है।
बृहस्पति की महादशा बृहस्पति की महादशा चलने पर पुखराज पहना जाता है। गुरुवार के दिन सुबह 10-12 बजे के बीच तर्जनी अंगुली में पुखराज पहनना चाहिए। पुखराज ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से भी बचाव करता है।

शनि की महादशा जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि की महादशा चल रही होती है उसे नीलम पहनने की सलाह दी जाती है। शाम के समय में मध्यमा अंगुली में इसे धारण करना चाहिए। शनिवार का दिन उत्तम रहता है।

बुध की महादशा बुध की महादशा होने पर व्यक्ति को पन्ना पहनने की सलाह दी जाती है। बुधवार का दिन पन्ना धारण करने का विशेष महत्व है। दोपहर के वक्त आप अपनी कनिष्ठिका में पन्ना पहन सकते हैं।

सूर्य की महादशा अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की महादशा चल रही होती है उसे रविवार के दिन रिंग फिंगर में माणिक्य रत्न को धारण करना चाहिए। रत्न पहनने के लिए सूर्योदय का समय सबसे सही समय रहता है। माणिक्य धारण करने से लाभ मिलेगा।

चंद्रमा की महादशा अगर कुंडली में चंद्रमा की महादशा चल रही हो तो ऐसे व्यक्तियों को मोती धारण करने की सलाह दी जाती है। मोती धारण करने का सबसे शुभ समय सोमवार का दिन होता है। सोमवार की शाम अनामिका या कनष्ठिका उंगली में मोती पहन सकते हैं। चंद्रमा को शीतल माना गया है और मोती भी शीतलता का प्रतीक है।

शुक्र की महादशा शुक्र की महादशा चलने पर हीरा पहनना चाहिए। इसे मध्यमा या मिडल फिंगर में धारण करें। हीरा शरीर में रक्त की कमी की शिकायत को दूर करता है।

मंगल की महादशा कुंडली में मंगल की महादशा चलने पर व्यक्ति को मूंगा पहनना चाहिए। मूंगा पहनने के लिए मंगलवार का दिन शुभ माना गया है। मंगल के दिन शाम 5 के बाद इसे रिंग फिंगर में पहनना उत्तम होता है। मूंगा व्यक्ति को ऊर्जा से भर देता है।

राहु-केतु की महादशा जिन जातकों की कुंडली में राहु-केतु की महादशा का असर होता है उन्हें शनिवार के दिन अपनी मध्यमा अंगुली में गोमेद धारण करना चाहिए इससे लाभ मिलेगा।

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