उत्तराखंड स्थित चमोली के माणा में हिमस्खलन मामले में भारतीय वायु सेना (IAF) एक्टिव है. IAF के चीता हेलीकॉप्टर शनिवार, 1 मार्च से ही चमोली के माणा क्षेत्र में बचाव अभियान में लगे हुए हैं. इस बीच भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने बड़ी जानकारी दी है.
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही, एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान के लिए ड्रोन आधारित इंटेलिजेंट बरीड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम को हवाई मार्ग से ले जाने के लिए तैयार है.
वहीं डीएम चमोली संदीप तिवारी ने कहा कि 'कल डॉक्टरों ने 4 मौतों की पुष्टि की है. पहले कुल संख्या 55 थी, लेकिन अब हमें जानकारी मिली है कि इनमें से एक कर्मचारी अनधिकृत छुट्टी पर था, और वह घर आ गया है. कुल संख्या घटकर 54 हो गई है, जिनमें से 4 लोग अभी भी लापता हैं.'
उधर, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को माणा गांव में हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों के बचाव कार्य का जायजा हवाई सर्वेक्षण के जरिए लिया. इसके बाद उन्होंने देहरादून में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि बचाव कार्य में अब तक अधिकतर लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है. बचे हुए श्रमिकों के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस कार्य में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष तौर पर धन्यवाद अदा किया.
बता दें कि माणा क्षेत्र में कल से किए जा रहे रेस्क्यू अभियान में अब तक 50 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. शेष 4 लोगों को बचाने के लिए बचाव ऑपरेशन जारी है.
Varanasi News: महाकुंभ के दौरान वाराणसी में रहा श्रद्धालुओं का सैलाब, इन जगहों पर रही ज्यादा भीड़