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प्रयागराज: आसमान से नोट बरसने की अफवाह, घर के बाहर दो दिनों से जमा रही भीड़, थैला सहित आए लोग, जानें पूरा मामला

संगम नगरी प्रयागराज में शहर से तकरीबन पचास किलोमीटर दूर नवाबगंज थाना क्षेत्र के बेरवा गांव में दो दिन पहले तक सब कुछ ठीक था. वहां बीते दो दिनों से एक सस्पेंस बना हुआ है.

Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज में एक घर की छत पर नोट बरसने की ऐसी अफवाह फैली कि घर के बाहर पिछले दो दिनों से दर्जनों लोगों की भीड़ जमा है. रूपये बटोरने के लिए कई लोग तो झोले के साथ इस घर के बाहर पहुंच रहे हैं. एक तरफ इलाके के लोग नोट पाने की लालच में गांव में डेरा जमाए हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ घर के लोग अजीब सी दहशत में है. घर की छत पर तीन नोट पड़े हुए जरूर मिले हैं, लेकिन साथ ही लाल रंग से यह भी लिखा हुआ मिला है कि घर का मुखिया और उसका बेटा जल्द ही मौत का शिकार हो जाएगा. नोट बरसने की अफवाह इतनी तेजी से फैली है कि प्रयागराज पुलिस को इस बारे में एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील करनी पड़ी है. 

संगम नगरी प्रयागराज में शहर से तकरीबन पचास किलोमीटर दूर नवाबगंज थाना क्षेत्र के बेरवा गांव में दो दिन पहले तक सब कुछ ठीक था. दो दिन पहले गांव के किसान अरुण कुमार के परिवार के लोग छत पर पहुंचे तो वहां सौ-सौ रुपए के दो और पचास रुपए का एक नोट जमीन पर पड़ा हुआ मिला. जिस जगह तीनों नोट पड़े हुए थे वहीं लाल रंग से यह भी लिखा हुआ था कि मोती मरेगा और साथ ही अरुण भी मरेगा. मोती किसान अरुण का बेटा है. छत पर जिस जगह नोट पड़े हुए थे और मौत की बात लिखी हुई थी वही एक टूटे हुए पत्थर पर खून की अजीब सी आकृति भी बनी हुई थी. पत्थर भी अलग शेप का था. 

ऐसे फैली अफवाह
अरुण के घर की छत पर नोट कहां से पहुंचे. मरने की बात किसने लिखी और खून की आकृति किसने बनाई, इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं पता. अरुण के घर के नजदीक सिर्फ एक मकान है और यह मकान भी पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है. घर में रहने वाले लोग कहीं बाहर गए हैं. अरुण के घर की छत पर नोट मिलने की बात इतनी तेजी से फैली की कुछ ही घंटों में आसमान से नोट बरसने की अफवाह में तब्दील हो गई. लोगों के बीच यह अफवाह फैल गई कि अरुण के घर की छत पर आसमान से लगातार नोट बरस रहे हैं. 

पहले तो परिवार के लोगों ने कुछ लोगों को छत पर ले जाकर हकीकत से रूबरू कराया, लेकिन बाद में भीड़ इतनी बढ़ती गई कि परिवार वालों को दरवाजा अंदर से बंद कर खुद को कैद करना पड़ा. मौत की बात लिखी होने और छत पर रुपए रखे होने से परिवार के लोग पहले ही दहशत में थे. रुपए पाने की लालच में घर के बाहर जमा भीड़ ने इनकी मुश्किल को और बढ़ा दिया है.

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थैलों के साथ पहुंचे लोग
रुपए बटोरने की लालच में हकीकत जाने बिना कई लोग तो थैलों के साथ पहुंच रहे हैं, ताकि जब भी नोट बरसे तो वह रुपयों को झोले में भरकर अपने साथ ले जाएं. अरुण के परिवार ने अब खुद को घर के अंदर कैद कर लिया है. परिवार के लोग मौत की बात लिखे होने और नोट बरसने की अफवाह से घर के बाहर जमा भीड़ के चलते इतनी दहशत में है कि अब किसी के भी सामने नहीं आ रहे हैं. आसमान से कथित तौर पर बरसने वाली नोट लूटने की लालच में सिर्फ आसपास के इलाके के ही नहीं बल्कि 40 से 50 किलोमीटर दूर से भी लोग बेरवा गांव पहुंच रहे हैं. 

अफवाह इतनी तेजी से फैली है कि असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर जंग बहादुर यादव ने नोट बरसने की बात को अफवाह बताते हुए लोगों से इस पर यकीन नहीं करने की बात कही है. वैसे पुलिस इस पूरे मामले को जहां इलाके के ही किसी व्यक्ति की शरारत मान रही है तो वही पीड़ित परिवार के लोग इस तंत्र-मंत्र या जादू टोने का हिस्सा मान रहे हैं. बहरहाल अरुण की छत पर नोट कहां से आए. बाप बेटे के मरने की बात किसने लिखी और खूनी आकृति कैसे बनी, यह सब अभी सस्पेंस है.

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