यूपी: कोरोना इलाज के नाम पर फिक्स रेट से ज्यादा वसूल रहे निजी अस्पताल, कार्रवाई के आदेश
सरकार ने एक बार फिर से निर्धारित दरों का शासनादेश जारी किया है. साथ ही सभी डीएम और सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जो निजी अस्पताल शासनादेश को न माने उसके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए.

लखनऊ, शैलेष अरोड़ा. यूपी में कोरोना मरीजों के इलाज का रेट तय होने के बाद भी अस्पताल लूटने में लगे हैं. निजी अस्पताल सरकार की तरफ से फिक्स की गई दरों के अलावा अलग-अलग नाम से रकम वसूल रहे हैं. बता दें कि योगी सरकार के 10 जुलाई को इलाज की दरें तय कर दी थी, उसके बावजूद निजी अस्पताल मरीजों को लूटने में लगे हैं. कोई निजी अस्पताल नर्सिंग केयर के नाम पर तो कोई मॉनिटरिंग और विजिट के नाम पर अलग से वसूली कर रहा है. इसे देखते हुए सरकार ने एक बार फिर से निर्धारित दरों का शासनादेश जारी किया है. साथ ही सभी डीएम और सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जो निजी अस्पताल शासनादेश को न माने उसके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
निजी अस्पताल की अलग-अलग श्रेणी शासन ने कोविड मरीजों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है. इसी के हिसाब से इनके प्रतिदिन के शुल्क भी निर्धारित हैं. आइए आपको बताते हैं की किस श्रेणी के अस्पताल के लिए शासन ने क्या दर तय की है और उसमें क्या सुविधा शामिल है.
'A' श्रेणी के निजी अस्पतालों में कोविड इलाज की दरें
L1 यानी आइसोलेशन बेड (इसमें ऑक्सीजन और अन्य सहयोगी उपचार की सुविधा शामिल है).
NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 10 हजार प्रति दिन Non NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 8 हजार प्रति दिन इसमें PPE किट के 1200 रुपये भी शामिल हैं
L2 यानी बिना वेंटिलेटर के ICU
NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 15 हजार प्रति दिन Non NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 13 हजार प्रति दिन इसमें PPE किट के 2000 रुपये भी शामिल हैं
L3 यानी वेंटिलेटर के साथ ICU NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 18 हजार प्रति दिन Non NABH एक्रेडिटेड हॉस्पिटल्स- 15 हजार प्रति दिन इसमें PPE किट के 2000 रुपये भी शामिल हैं
(इसमें इनवेसिव मकैनिकल वेंटिलेशन जैसे NFNC और BiPAP यानी बाई लेवल पॉजिटिव एयर प्रेशर की जरूरत वाले रोगियों का इलाज शामिल है)
अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दरें
अस्पतालों में इलाज की ये दरें पूरे प्रदेश पर एक समान लागू नहीं होती. शासन ने प्रदेश के विभिन्न जिलों को इलाज के लिहाज से 3 श्रेणी में बांटा है. A, B और C. तीनों श्रेणी के अस्पतालों में इलाज की कीमत अलग-अलग है. आपको बताते हैं कि कौन से शहर को किस श्रेणी में रखा गया है.
'A' श्रेणी में शामिल शहर
लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, नोयडा और गाजियाबाद
'B' श्रेणी में शामिल शहर
मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद
'C' श्रेणी में शामिल शहर
'A' और 'B' श्रेणी में शामिल 22 शहरों के अलावा बाकी सभी 'C' श्रेणी में रखे गए हैं.
निजी अस्पतालों के लिए शासन ने जो दरें तय की हैं वो एक कंप्लीट पैकेज है. इसमे कोविड केयर प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज शामिल है. इसमे बेड, भोजन, नर्सिंग केयर, मॉनिटरिंग, इमेजिंग समेत आवश्यक जांच, डॉक्टर विजिट, कंसल्टेशन, चिकित्सक परीक्षण की सुविधा शामिल है. हालांकि इसमें RTPCR टेस्ट का शुल्क शामिल नही है.
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