Ayodhya Sainta Happy with Government decision: यूपी के दो बार मुख्यमंत्री रहे और दो अलग-अलग प्रदेशों के राज्यपाल रहे कल्याण सिंह का अयोध्या से गहरा नाता रहा है. यही कारण है कि, उनके निधन के बाद सबसे ज्यादा दुखी अयोध्या के साधु संत और आम लोग हैं. सभी का यह मानना रहा कि, कल्याण सिंह ही वह शख्स है जिनके बदौलत आज अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. इसके लिए उन्होंने ना तो कुर्सी की परवाह की और ना ही सरकार की.
आदम कद मूर्ति स्थापित की जाए
इसीलिए जब सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अयोध्या समेत 5 जिलों में सड़कों का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रखने की घोषणा की, तो सबसे ज्यादा खुशी अयोध्या में ही दिखाई दी. इसका एक कारण यह भी है कि, जिस राम जन्म भूमि के लिए उनकी सरकार गिरी, उसी राम जन्म भूमि की ओर जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह मार्ग रखा जा रहा है. हालांकि, अयोध्या के कई ऐसे साधु संत हैं जो चाहते हैं कि, मार्ग के नाम के साथ उनकी आदम कद मूर्ति भी स्थापित की जाए. जिससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को पता चले कि, जिस राम जन्मभूमि में रामलला का दर्शन करने वह आए हैं, उसमें कितना बड़ा योगदान बाबूजी कल्याण सिंह का है.
जन्मभूमि आंदोलन को खड़ा करने वालों को याद किया जाए
वहीं, विश्व हिंदू परिषद के अवध प्रांत प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि, कल्याण सिंह जी की तरह उन लोगों को भी सरकार याद करें जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन को खड़ा करने या उसके लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया.
हिंदू हाउस बने
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास के मुताबिक, मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है तो वह कल्याण सिंह की देन है. बाबरी ढांचा ना ध्वस्त होता ना आज मंदिर दिव्य भव्य बनता. जिस प्रकार से देश के प्रधानमंत्री ने भूमि पूजन किया, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार 22 बार दौरा करने के बाद लगातार विकास कार्य की झड़ी लगा दी. उसी कड़ी में डिप्टी सीएम को साधुवाद दूंगा. उन्होंने कहा कि, बाबूजी के नाम पर राम जन्म भूमि का मुख्य मार्ग बनाया जाए. उसके साथ साथ में अयोध्या के साधु संतों में खुशी है और एक मांग और भी है कि, हमारी साधु संतों की अयोध्या से अयोध्या में बाबूजी के नाम पर कम से कम एक हिंदू हाउस बने.
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