रायबरेली. उत्तर प्रदेश की जेल का खेल बदस्तूर जारी है. प्रदेश की जेलों के कारनामे दिन-ब-दिन अविश्वसनीय होते जा रहे हैं. जिसके कई वीडियो भी सामने आए हैं. इन वीडियो के सामने आने के बाद जेल महकमा और जेल प्रशासन अपनी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के दावे भी खूब करता है लेकिन जेलों में निरुद्ध कैदी जेल प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाने में लगातार कामयाब हो रहे हैं. ताजा मामला रायबरेली के जिला जेल का है, जहां पर पाक्सो और चोरी के मामले में निरुद्ध दो कैदी जेल से फरार हो गए और जेल प्रशासन ताकता रह गया. जेल में निरुद्ध कैदी के भागने की सूचना मिलने पर डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी रायबरेली पहुंचे और जांच में जुट गए.
सुबह की गिनती में गायब मिले दोनों कैदी
रायबरेली जनपद के जेल से दो कैदी फरार हुए हैं. जिसमें एक सलोन थाना क्षेत्र का रंजीत जो धारा 363 , 366 , 376 और पॉक्सो एक्ट में और दूसरा शारदा प्रसाद शिवगढ़ का है जो 457, 380 ,411 धाराओं में जेल में निरुद्ध है. दोनों कैदी रात की गणना के समय जेल के अंदर मौजूद थे लेकिन सुबह जब कैदियों की गणना हुई तो दो कैदी कम निकले जिसके बाद जेल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए. तत्काल कैदियों की मिलान शुरू हो गई, मिलान में रंजीत व शारदा दोनों गायब मिले जिसकी सूचना आनन-फानन में जेल प्रशासन ने अपने उच्च अधिकारियों को दी. जिसके बाद डीआईजी जेल लखनऊ रेंज संजीव त्रिपाठी मौके पर पहुंचें और जांच शुरू कर दी.
जेल की विश्वसनीयता पर खड़े हो रहे सवाल
रायबरेली का जिला जेल अक्सर विवादों में रहा है. कभी असलहे रखकर शराब और बिरयानी खाते हुए कैदियों के वीडियो वायरल होते हैं, तो कभी कैदियों को उठक बैठक करवाते दबंग कैदियों के वीडियो. इस तरह की दर्जनों घटनाएं रायबरेली के जिला जेल में हो चुकी है. जिसके बाद अधिकारी आते हैं छुटपुट कार्रवाई करते हैं और चले जाते हैं. उसके बाद यह खेल रायबरेली के जिला जेल में बदस्तूर जारी रहता है. इस बार भी दोनों कैदियों के गायब होने के बाद जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था व विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े होने लगे हैं.
कैसे सच साबित होंगे रायबरेली पुलिस के दावे
जिन जेलों में दीवारें पार करना तो दूर उसके नज़दीक जाना भी गुनाह माना जाता है, उन्हीं दीवारों को फांद करके कैदी फरार हो जाते हैं और जिला जेल के सुरक्षाकर्मियों को कानों कान खबर नहीं होती. फिलहाल रायबरेली पुलिस की तरफ से प्रेस नोट में लैट्रिन की ईंटों को निकालकर फरार होने की सूचना दी गई और जल्द ही कैदियों को गिरफ्तार करने की बात भी रायबरेली पुलिस द्वारा कही गयी लेकिन यह सब बातें लोगों के गले नहीं उतर रही हैं.
क्या कहना है डीआईजी जेल लखनऊ रेंज का
संजीव त्रिपाठी डीआईजी जेल, लखनऊ रेंज का कहना है कि रात में गिनती के समय दोनों कैदी थे लेकिन जब सुबह कैदियों की गिनती हुई तो दोनों फरार मिले. लैट्रिन के ईंटों में नकब लगाकर दोनों कैदी फरार हुए हैं. दो में एक कैदी पॉक्सो एक्ट में बंद था तो दूसरा चोरी में. लापरवाही व कार्रवाई के नाम पर डीआईजी जेल ने कहा जांच अभी चल रही है जांच के बाद तस्वीर साफ होगी.
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