सुल्तानपुर एनकाउंर पर DGP प्रशांत कुमार का जवाब, पुलिस कार्रवाई को बताया निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित
Sultanur Encounter: उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर उठे रहे तमाम सवालों का जवाब दिया और कहा कि पुलिस की पूरी कार्रवाई निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित है.

Sultanur Encounter: सुल्तानपुर में भारत ज्वैलर की दुकान पर हुई डकैती के आरोपी मंगेश यादव के एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यूपी पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस की और जवाब दिए. इस दौरान डीजीपी प्रशांत कुमार और एडीजी अमिताभ यश भी मौजूद रहे. डीजीपी ने तमाम आरोपों के जवाब देते हुए कहा कि पुलिस की पूरी कार्रवाई निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित है.
एडीजी लॉ अमिताभ यश ने बताया कि 28 अगस्त को विपिन सिंह के गैंग ने करोड़ों की लूट की थी. आरोपियों ने पहले उस इलाके की रैकी की थी. उन्होंने बताया कि पहले 2 मोटरसाइकिल जौनपुर से चोरी की गई जिसमें मंगेश यादव की भूमिका थी. अभियुक्तों की गिरफ्तारी से बाद 2. 633 किलो सोना, 15.26 ग्राम चांदी और 45700 नगदी बरामद की गई है.
सुल्तानपुर डकैती की घटना के एक-एक खुलासा
एडीजी ने कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाला गैंग लीडर विपिन सिंह था. विपिन सिंह लखनऊ और गुजरात की बड़ी डकैतियों में शामिल था. 13 और 15 अगस्त को विपिन, फुरकान और उनके तीन साथियों ने भारत ज्वैलर दुकान की रैकी की थी. जिसको लेकर हमारे पास वीडियो और साक्ष्य मौजूद हैं. उन्होंने बाजार में सीसीटीवी की क़ैद कुछ तस्वीरें दिखाते उसमें आरोपी विपिन सिंह, फुरकान के होने का दावा किया और कहा कि इस घटना में मोटरसाइकिल जौनपुर से चोरी की गई और बाइक चोरी करने की घटना मंगेश यादव ने की थी. आरोपियों ने भागने के लिए बोलेरो कार का इस्तेमाल किया था.
VIDEO | Uttar Pradesh Director General of Police (DGP) Prashant Kumar (@PrashantK_IPS90) briefs the media about Sultanpur encounter.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 12, 2024
"The Police Headquarters, on frequent intervals, has clarified that the guidelines of the Supreme Court are followed hundred percent during all… pic.twitter.com/eLere8HRas
एडीजी अमित यश ने बताया कि इस घटना को करने के लिए दो ग्रुप में अपराधी पहुंचे थे. पुष्पेंद्र, डब्लू और सचिन ये बोलेरो से पहुंचे थे. डकैती की घटना में सीधे तौर पर शामिल रहे थे. दुकान के अंदर फुरकान, अनुज, अरबाज, मंगेश यादव और अंकित यादव घुसे और इनके द्वारा घटना की गई. इसके अलावा विपिन सिंह, विनय शुक्ला, अरविंद विवेक और दुर्गेश यह लोग दुकान के आसपास घेराबंदी किए हुए थे.
पुलिस ने बताया कि ये लोग बाहर थे ताकि कोई समस्या होने पर ये फायर कर सके और उन्हें पुलिस से बचा सके. ये पुलिस पर फायर कर सकते थे. ताकि सबको भगाया जा सके यह सभी चीज सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल विश्लेषण में किया गया है. जो अपराधी गिरफ्तार हुए उनसे पूछताछ में यह सभी बातें साफ हो गईं है. इसमें पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर काम किया और घटना का खुलासा किया.
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