UP Election 2022 Voting: पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर सीटों पर मतदान होना है. मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा. निर्वाचन आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पहले चरण के चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस चरण में शामली, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा तथा आगरा जिलों की विधानसभा सीटों पर मतदान होना है.
इनके सियासी भाग्य का फैसला
पहले चरण के चुनाव में प्रदेश सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा, संदीप सिंह, कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग और चौधरी लक्ष्मी नारायण के सियासी भाग्य का फैसला होगा. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को बताया कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिये व्यापक इंतजाम एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है. उन्होंने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर मतदेय स्थलों पर थर्मल स्कैनर, हैंड सेनेटाइजर, दस्तानों, मास्क, फेस शील्ड, पीपीई किट, साबुन, पानी आदि की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 2.28 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे जिनमें 1.24 करोड़ पुरुष, 1.04 करोड़ महिलाएं तथा 1448 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. प्रथम चरण के निर्वाचन में कुल 58 विधानसभा सीटों पर 623 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 73 महिला उम्मीदवार हैं.
शुक्ला ने कहा, ‘‘पहले चरण के चुनाव के लिये कुल 10,853 मतदान केन्द्र और 26,027 मतदेय स्थल बनाये गये हैं. मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए 48 सामान्य प्रेक्षक, आठ पुलिस प्रेक्षक तथा 19 व्यय प्रेक्षक तैनात किये गये हैं. इसके अतिरिक्त 2175 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 284 जोनल मजिस्ट्रेट, 368 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2718 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किये गये हैं.’’
उन्होंने बताया कि मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत 12 अन्य वैकल्पिक पहचानपत्रों का उपयोग कर वोट डाला जा सकेगा. विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा को पहले चरण में शामिल 58 में से 53 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो सीटें मिली थी. इसके अलावा एक सीट राष्ट्रीय लोकदल के हिस्से में गयी थी. पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार का मंगलवार शाम पांच बजे बंद हो गया. कोविड-19 के मद्देनजर चुनाव आयोग द्वारा रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगाए जाने कारण इस चरण में ज्यादातर प्रचार वर्चुअल माध्यम से हुआ है.
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