चमोली एवलांच का रेस्क्यू खत्म, 46 मजदूर सुरक्षित निकले बाहर और 8 की मौत, जानें मृतकों के नाम
Chamoli Glacier Burst: माणा कैंप के पास निर्माण कार्यों में लगे मजदूर उस समय हिमस्खलन की चपेट में आ गए, जब अचानक भारी बर्फबारी के कारण ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर उनके अस्थायी शेल्टर पर गिर गया.

Uttarakhand Glacier Burst Rescue: उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा के पास स्थित माणा पास क्षेत्र में शुक्रवार (28 फरवरी) को हुए भीषण हिमस्खलन के बाद बचाव कार्य खत्म हो चुका है. इस हादसे में कुल 54 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 46 मजदूरों को रेस्क्यू अभियान में सुरक्षित निकाल लिया है और 8 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
रविवार को सेना आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें हेलीकॉप्टर और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से बचाव कार्य में जुटी रहीं. सेना के सात और एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर राहत कार्यों में लगे हैं. लेफ्टिनेंट कर्नल अंकित कुमार मिश्रा के अनुसार श्रमिकों की खोज के लिए लगातार प्रयास जारी रहा.
चमोली हादसे के मृतकों के नाम
मोहेंदर पाल (हिमाचल प्रदेश)
हरमेश चंद्र (हिमाचल प्रदेश)
जितेंद्र सिंह (यूपी)
मंजीत यादव (यूपी)
आलोक यादव (यूपी)
अशोक पासवान (यूपी)
अनिल कुमार (उत्तराखंड)
अरविंद कुमार सिंह (उत्तराखंड)
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य हो गया था शुरू
माणा कैंप के पास निर्माण कार्यों में लगे मजदूर उस समय हिमस्खलन की चपेट में आ गए, जब अचानक भारी बर्फबारी के कारण ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर उनके अस्थायी शेल्टर पर गिर गया. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया, लेकिन अत्यधिक बर्फबारी और खराब मौसम के कारण अभियान में बाधाएं आईं.
एक मजदूर पहले ही चला गया था घर
जिला प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट में 55 मजदूरों के फंसे होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि एक मजदूर पहले ही अपने घर लौट चुका था. अब तक पांच कंटेनरों को ट्रेस कर उनमें फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन तीन कंटेनरों तक अभी भी बचाव दल नहीं पहुंच सके हैं.
सीएम धामी रविवार को फिर पहुंचे आपदा परिचालन केंद्र
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार सुबह एक बार फिर आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लापता मजदूरों की जल्द से जल्द तलाश कर उनके परिजनों को सूचित किया जाए.
बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण रेस्क्यू में हो रही मुश्किल
क्षेत्र में अत्यधिक बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण राहत दलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. वहीं, हिमस्खलन के बाद मौसम विभाग ने इस इलाके में और अधिक बर्फबारी की संभावना जताई थी.
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