Uttarakhand Glacier Burst: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी के बीच चमोली जिले में बदरीनाथ के पास माणा में शुक्रवार (28 फरवरी) को हिमस्खलन से 40 से ज्यादा मजदूर बर्फ में दब गए. जहां कुछ मजदूरों को तो बर्फ में से निकाल लिया गया है लेकिन ज्यादातर मजदूर अभी भी लापता हैं. दरअसल, जहां हादसा हुआ है वहां स्थिति ऐसी बनी हुई है कि वहां पहुंचना ही काफी मुश्किल हो रहा है.


रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि माणा और चमौली के बीच में जो सड़क है उसपर भारी भूस्खलन हुआ है, उसे खोलने का काम किया जा रहा है. मौसम खराब है इसलिए जहां अभी तक घटना हुई वहां तक नहीं पहुंचा जा सका है. अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम खुलता है हेलीकॉप्टर के जरिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को घटनास्थल पर भेजा जाएगा.


हादसे वाली जगह पर नेटवर्क भी नहीं
हादसे की जगह पर नेटवर्क नहीं है. वहां सबसे पहले आर्मी और आईटीबीपी के जवान पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ लोगों को बर्फ से बाहर निकाला, क्योंकि सभी मजदूर अपने कैंप में थे और एवलांच से मजदूर बर्फ में ही दब गए. फिलहाल 47 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. 


घटनास्थल से 30 किमी पहले तक बर्फ ही बर्फ
मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन कर पाना फिलहाल काफी मुश्किल है. क्योंकि लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है और जहां पर ये हादसा हुआ है उससे लगभग 30 किलोमीटर पहले तक बर्फ है और ये बर्फ तीन से चार फीट ऊंची बर्फ है, इसमें चलकर वहां तक जाना बेहद मुश्किल है.


मौसम खराब होने से नहीं उड़ पा रहे हेलीकॉप्टर
प्रशासन हेलीकॉप्टर की मदद लेने की कोशिश जरूर कर रहा है लेकिन विजिबिलिटी न होने की वजह से हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पा रहा है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह खुद मौके पर जाना चाहते हैं लेकिन हेलीकॉप्टर उड़ नहीं पा रहा है, हालांकि सीएम लगातार अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं.


 



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