Uttarakhand News: रुड़की में पहली बार दो रोहिंग्या मुसलमानों के ठहरने और चंदा एकत्रित करने का मामला सामने आया है, जिससे पुलिस और खुफिया विभाग में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि 17 मार्च को बादशाह चौक के पास दो संदिग्ध व्यक्ति लोगों से चंदा मांग रहे थे. उनकी गतिविधियों पर संदेह होने पर किसी स्थानीय व्यक्ति ने इसकी सूचना पुलिस और एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) को दी.
सूचना मिलते ही पुलिस और खुफिया विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों से पूछताछ की. जांच में सामने आया कि वे रोहिंग्या मुस्लिम हैं, जो हैदराबाद से रुड़की पहुंचे थे. पूछताछ में उन्होंने अपना नाम मोहम्मद तारिस और शाबिर अहमद बताया. उनके पास संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी शरणार्थी कार्ड भी मिले, जिससे उनकी पहचान की पुष्टि हुई. पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे विभिन्न इलाकों में घूमकर चंदा एकत्रित करने का काम करते हैं.
पुलिस जांच में पता चला कि दोनों व्यक्ति रुड़की में एक रात के लिए एक सराय में ठहरे थे. इसके बाद वे 19 मार्च को अमरोहा (उत्तर प्रदेश) चले गए. स्थानीय पुलिस ने अमरोहा पुलिस से संपर्क कर उनके बारे में अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया. फिलहाल पुलिस अमरोहा में उनकी गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच में जुटी है.
पुलिस ने उस सराय मालिक से भी पूछताछ की, जहां दोनों ने रात बिताई थी. जांच में यह देखा गया कि क्या सराय मालिक ने ठहरने के दौरान उनकी आईडी ली थी या नहीं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों संदिग्धों का किसी संदिग्ध संगठन या व्यक्ति से कोई संपर्क था.
गौरतलब है कि रुड़की और आसपास का क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है. यहां पहले भी बम ब्लास्ट और कई बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. हाल ही में रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी भी मिली थी. इसके अलावा, कुछ दिनों पहले बूचड़ी ढंडेरा रेलवे फाटक के पास रेलवे पटरी पर एक गैस सिलेंडर मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था. ऐसे में रोहिंग्या मुसलमानों का इस क्षेत्र में पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है.
स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दीमामला संवेदनशील होने के कारण खुफिया विभाग भी अपने स्तर पर जांच में जुट गया है. पुलिस दोनों संदिग्धों के संपर्क सूत्रों और उनके सफर की पूरी जानकारी खंगाल रही है. एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कहा, "यह मामला खुफिया विभाग से जुड़ा है. वे अपने स्तर से जांच कर रहे हैं. यदि पुलिस को कोई ठोस जानकारी मिलती है तो मामले में विस्तृत जांच की जाएगी.
महेंद्र भट्ट पर हरक सिंह रावत का तीखा हमला, कहा- 'बंदर के सिर पर टोपी रख दो तो वो नाचने लगता है'
पुलिस को आशंका है कि चंदा एकत्रित करने की आड़ में कोई बड़ी साजिश हो सकती है. इसके चलते दोनों संदिग्धों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है. पुलिस की नजर इस बात पर भी है कि दोनों रोहिंग्या अमरोहा के बाद कहां जाएंगे और किन लोगों से मिलेंगे.
रुड़की जैसे संवेदनशील क्षेत्र में रोहिंग्या मुसलमानों का आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है. पुलिस और खुफिया विभाग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है.
