मेरठ के बाद अब उत्तराखंड में भी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर ली पति की जान, खेत में फेंका शव
Udham Singh Nagar: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सारा मामला साफ हो गया.

Uttarakhand News: उत्तराखंड के हरीश हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी एवं उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया हैं. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया तकिया भी बरामद कर लिया है. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
उधम सिंह नगर जनपद की किच्छा कोतवाली पुलिस को 17 मार्च को पारुल ने तहरीर सौंपते हुए कहा कि मेरे पति हरीश 15 मार्च रात 9 बजे से लापता है. पुलिस ने पारुल की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. इसी दौरान पुलिस को 17 मार्च को हरीश के घर से लगभग 70 मीटर की दूरी पर गेहूं के खेत में एक शव मिला था, जिसकी पहचान हरीश पुत्र बनवारी वार्ड नंबर 1 किच्छा के रूप में हुई.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, 19 मार्च को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. उसी दिन मृतक के भाई शंकर पुत्र बनवारी ने कोतवाली पुलिस को लिखित में शिकायत देते हुए मो रईस उर्फ बाबू पर हरीश की हत्या का आरोप लगाया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज मामले की जांच की.
एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर प्रशिक्षुक आईपीएस निशा यादव एवं प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर पारुल के घर दबिश देकर मो रईस उर्फ बाबू पुत्र अहमद हुसैन निवासी वार्ड नंबर 20 इंदिरा नगर सैरिया मस्जिद के पास सिरौली कला पुलभट्टा एवं मृतक हरीश की पत्नी पारुल से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तकिया भी बरामद कर लिया हैं. पुलिस ने दोनों ही आरोपी पारुल और मो रईस को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने मृतक की पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार किया
घटना का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम नीहारिका तोमर ने बताया कि, पारुल ने 17 मार्च को कोतवाली किच्छा को अपने पति हरीश की गुमशुदगी की सूचना दी थी. सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया. उसी दिन पुलिस को हरीश के घर से कुछ मीटर की दूरी पर गेहूं के खेत में पीपल के पेड़ के पास एक शव मिला, जिसकी पहचान हरीश के रूप में हुई.
19 मार्च को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट वाले दिन मृतक हरीश के भाई शंकर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर मो रईस उर्फ बाबू पर हरीश की हत्या करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा कर लिया और एसएसपी महोदय के निर्देश पर प्रशिक्षु आईपीएस निशा यादव एवं प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर खास की सूचना पर पारुल के घर से मो रईस उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया.
मामले में एसपी ने क्या बोला?
पुलिस पूछताछ में दोनों ने हत्या का जुर्म स्वीकार लिया. एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला कि पारुल और मो रईस के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी हरीश को लगने के बाद हरीश आए दिन पारुल के साथ मारपीट करता रहता था. इसलिए हरीश को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रचकर हत्या कर दी.
(उधम सिंह नगर से वेदप्रकाश की रिपोर्ट)
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