'बंगाल में लागू हो राष्ट्रपति शासन नहीं तो..', मुर्शिदाबाद हिंसा के खिलाफ भड़के वकीलों का प्रदर्शन
Varanasi Protest: मुर्शिदाबाद हिंसा के विरोध में वाराणसी में वकीलों ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने सीएम ममता बनर्जी को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया.

Varanasi Protest: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी क्रम में वाराणसी में वकीलों द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंककर और नारेबाजी करके घटना के खिलाफ विरोध जताया गया. मीडिया से बातचीत में वकीलों ने कहा कि जिस प्रकार की तस्वीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से आ रही है, वह हैरान करने वाली है. वहां की सरकार इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. विरोध के दौरान दर्जनों की संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे जो पश्चिम बंगाल की सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते देखे जा रहे थे.
मुर्शिदाबाद की घटना का विरोध कर रहे वाराणसी के अधिवक्ता अवनीश त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से आ रही तस्वीर परेशान और हैरान करने वाली है. आखिर, संविधान के रक्षा की बात करने वाले इंडिया गठबंधन के लोग इस पर चुप क्यों हैं. जबकि इस विषय पर सियासत ना करके सीधे-सीधे वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए, नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब बंगाल की हालत बांग्लादेश जैसी हो जाएगी.
मुर्शिदाबाद हिंसा के विरोध में प्रदर्शन
मुर्शिदाबाद की घटना का विरोध करते हुए न्यायालय परिसर से नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता बाहर निकले और उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान उनके हाथ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला भी था. अधिवक्ताओं की तरफ से विरोध जताते हुए पुतला भी फूंका गया. इस प्रदर्शन में दर्जनों की संख्या में काला कोट पहने अधिवक्ता शामिल थे.
बता दें कि पश्चिम बंगाल का मुस्लिम बहुल इलाका मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. जिसके बाद कई जगहों पर हिंसा देखने को मिली. जिसके बाद से भारतीय जनता पार्टी ममता सरकार पर हमलावर है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस हिंसा के लिए सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार बताया.
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Source: IOCL

























