Nothing Phone 1 का साउथ इंडिया में क्यों हो रहा बायकॉट?
साउथ इंडिया (South India) में Nothing Phone 1 के खिलाफ बायकॉट की मुहिम शुरू हो गई है. साउथ इंडिया के लोग जमकर इस स्मार्टफोन का विरोध कर रहे हैं. यहां तक की ट्विटर पर Boycott Nothing ट्रेंड करने लगा है.

Nothing Phone Boycott: स्मार्टफोन ब्रांड नथिंग (Nothing) का नया स्मार्टफोन नथिंग फोन (1) लॉन्च कल ही मार्केट में लॉन्च हुआ, लेकिन लॉन्च होते ही यह फोन विवादों (Controversy) में घिरता दिखाई दे रहा है. साउथ इंडिया में Nothing Phone 1 के खिलाफ बायकॉट की मुहिम शुरू हो गई है. साउथ इंडिया के लोग जमकर इस स्मार्टफोन का विरोध कर रहे हैं. यहां तक की ट्विटर पर Boycott Nothing ट्रेंड करने लगा है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
#BoycottNothing कर रहा Trend
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर आज सुबह से #BoycottNothing ट्रेंड पर है. कई ट्विटर यूजर्स खासकर साउथ इंडियन ट्विटर यूजर्स अपील कर रहै हैं कि नथिंग फोन (1) को साउथ इंडियन्स को नहीं खरीदना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स यह कह रहे हैं कि नथिंग फोन (1) की मैन्युफैक्चरिंग साउथ इंडिया स्टेट तमिलनाडु में हुई है , तो फिर इसे क्यों केवल नॉर्थ इंडिया (हिंदी) के लोगों को ही बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "नथिंग फोन हमारे लिए कुछ नहीं है, नथिंग फोन पर शर्म आती है
Nothing phone is Nothing for us , Shame on you Nothing Phone#DearNothing#BoycottNothing #BOYCOTTNOTHINGPRODUCTS #boycottNothingphone pic.twitter.com/NmSSWsSp7M
— Muneendra Gongidi (@Muneendra_G) July 13, 2022
Nothing Phone (1) Boycott Reason
साउथ इंडिया के एक टेक रिव्यूअर ने नथिंग टीम (Nothing Team) से कॉन्टैक्ट किया और नथिंग फोन (1) को रिव्यू के लिए मांगा, लेकिन नथिंग की कम्यूनिकेशन टीम ने साउथ इंडियन टेक रिव्यूअर को फोन रिव्यू के लिए उपलब्ध नहीं कराया. इसके बाद टेक रिव्यूअर ने आरोप लगाया कि नथिंग (Nothing) की कम्यूनिकेशन टीम ने कहा कि नथिंग फोन (1) साउथ इंडिया के लिए नहीं बना है. अब इसपर टेक रिव्यू्अर ने एक वीडियो बनाकर मामले को यू-ट्यूब (YouTube) के जरिए जानता के सामने रखा. वीडियो वायरल होते ही साउथ इंडिया में नथिंग फोन (1) के खिलाफ विरोध शुरू हो गया.
Tech Reviewer का आरोप
टेक रिव्यूअर ने आरोप लगाया कि स्मार्टफोन कंपनियां साउथ इंडिया टेक रिव्यूअर पर ध्यान नहीं देती हैं. खासकर तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाई टेक रिव्यूअर को टेक कंपनियां फोन रिव्यू के लिए नहीं देती हैं. इसके अलावा यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले आसुस (Asus), Samsung और OnePlus की तरफ से भी नोटिस मिल था कि वे साउथ इंडिया के लिए फोन रिव्यू नहीं चाहते हैं.
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