संघ लोक सेवा आयोग
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत की एक संवैधानिक संस्था है, जो देश की सर्वोच्च सिविल सेवाओं के लिए परीक्षाओं का आयोजन करती है. इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत की गई थी. UPSC का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के लिए योग्य, निष्पक्ष और प्रतिभाशाली अधिकारियों का चयन करना है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावी और पारदर्शी बनी रहे. UPSC द्वारा आयोजित सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा सिविल सेवा परीक्षा (CSE) है, जिसके माध्यम से IAS, IPS, IFS, IRS जैसी सेवाओं के लिए कैंडिडेट्स चुने जाते हैं. यह परीक्षा तीन चरणों प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) में होती है. प्रीलिम्स यानी प्रारंभिक परीक्षा ऑब्जेक्टिव होती है. मुख्य परीक्षा डिस्क्रिप्टिव होती है. वहीं, इंटरव्यू में कैंडिडेट के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता व निर्णय शक्ति का आकलन किया जाता है. UPSC न केवल सिविल सेवाओं की परीक्षा आयोजित करता है, बल्कि भारतीय वन सेवा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), संयुक्त रक्षा सेवा (CDS), इंजीनियरिंग सेवा (ESE) जैसी कई अहम परीक्षाओं का भी संचालन करता है. आयोग की कार्यप्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता है, जिससे चयन प्रक्रिया पर राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं पड़ता. UPSC की तैयारी को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. इसके लिए कैंडिडेट्स को व्यापक सिलेबस, समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ, विश्लेषणात्मक सोच और उत्तर लेखन कौशल डिवेलप करना पड़ता है. यह परीक्षा केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और निरंतर परिश्रम की भी परीक्षा लेती है. दरअसल, UPSC भारत की प्रशासनिक रीढ़ तैयार करने वाली संस्था है, जो लोकतंत्र को मजबूती देने और सुशासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.