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Pahalgam Terror Attack: अब पाकिस्तान की लगने वाली है... पहलगाम आतंकी हमला देख खौला सोशल मीडिया यूजर्स का खून

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स भी काफी ज्यादा नाराज हैं. वे इस घटना को लेकर लगातार अपना गुस्सा जता रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम की बैसरन वैली में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की खबर से हर किसी का खून खौल रहा है. हर कोई आतंकियों को सबक सिखाने की मांग कर रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स भी किसी से पीछे नहीं हैं. उन्होंने तो इस घटना के पीछे सीधे तौर पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का नाम लिया और कहा कि अब पाकिस्तान की अच्छे से लगने वाली है. आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया यूजर्स ने आतंकियों को कैसे कोसा और क्या-क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हमला?

जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार (22 अप्रैल) को पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ. यह जगह अनंतनाग जिले के अंतर्गत आती है. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने पर्यटकों से पहले उनके नाम पूछे, फिर उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं. इस हमले में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले 28 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. इनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

सोशल मीडिया यूजर्स का खौला खून

पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स भी काफी ज्यादा नाराज हैं. वे इस घटना को लेकर लगातार अपना गुस्सा जता रहे हैं. समीर नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब पाकिस्तान की अच्छे से लगने वाली है. वहीं, श्रीराम मानस नाम के यूजर ने अपने जानने वालों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने लिखा कि उनके रिश्तेदार भी पहलगाम गए हुए हैं. वहीं, अश्विनी नाम के यूजर ने लिखा कि पर्यटकों के लिए जम्मू-कश्मीर अब भी सुरक्षित नहीं है. यह जगह बेहद खतरनाक है. ऐसे में वहां जाने से बचना चाहिए.

यूजर्स ने की टूरिस्ट्स को गन देने की मांग

चंगेज नाम के एक यूजर तो इस घटना को लेकर काफी ज्यादा नाराज दिखे. उन्होंने लिखा कि इस इलाके में जाने वाले पर्यटकों को गन ले जाने की इजाजत देनी चाहिए, जिससे वे आतंकियों को मार सकें. वहीं, अजय नाम के यूजर का कहना है कि पहलगाम में मारे गए लोगों का गुनाह सिर्फ इतना था कि वे हिंदू थे. वहीं, सोनम विजयवर्गीय ने लिखा कि यह उस सरकार की नाकामी है, जो जम्मू-कश्मीर में टूरिज्म को बढ़ावा दे रही थी. एक अन्य यूजर ने तो इसे अतिथि देवो भव इस्लामिक एडिशन करार दे दिया. 

यह भी पढ़ें: पहलगाम में फंसे अपनों का जानना है हाल, ये हेल्पलाइन नंबर आएंगे आपके काम

शेख इंजमाम उल हक

हजरत शेख इंजमाम को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. भारत की शाही संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के गवाह राजस्थान से उनका संबंध है. भारत की शिक्षा नगरी के तौर पर मशहूर कोटा उनकी कर्मभूमि है, जहां हर साल हजारों युवक बड़े-बड़े सपने लेकर, आईआईटी–जेईई और नीट की तैयारी के लिए इस शहर को अपना बसेरा बनाते हैं, लेकिन इंजमाम को इस शहर का ये माहौल रास नहीं आया और उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाए पत्रकार बनने का फैसला किया. हालांकि, कोटा से 72 किमी दूर एक छोटे से गांव सीसवाली में जन्म लेने वाले इंजमाम ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई इसी शहर से की.

बचपन से हिंदी में रुचि और लगाव उन्हें पत्रकारिता के लिए दिल्ली खींच लाया. जहां उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री ली. उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में MA और एम.फिल. की डिग्री भी हासिल की.

इंडिया न्यूज़ और विकिपीडिया के लिए कार्य करने के बाद इंजमाम एबीपी लाइव से बतौर ट्रेनी जुड़े और अब प्रमोट होकर बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शेख इंजमाम का हिंदी और उर्दू से खासा लगाव है और दोनों भाषाओं में शौकिया शायरी भी करते हैं. उन्होंने कई कविताएं रची हैं और अनेक साहित्यिक लेखों का सृजन किया है. साहित्य की एक अन्य विधा व्यंग्य भी उनका पसंदीदा विषय है.

ट्रेंडिंग और राजनीति उनकी पसंदीदा बीट है. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर की वजह से वो रोजाना के ट्रेंड और सोशल मीडिया पर पनपने वाले विचारों की बखूबी समझ रखते हैं.

शेख इंजमाम को घूमना पसंद है और उन्होंने भारत के कई शहरों और देहात का सफर किया है और वहां के रीति रिवाज, रहन सहन और सामाजिक ताने बाने को खूब समझते हैं.

इंजमाम को फिल्में देखने और गाने सुनने का भी शौक है. अमरीश पुरी और सलमान खान को वह अपने पसंदीदा अभिनेताओं में शुमार करते हैं. सूफी और क्लासिकल म्यूजिक भी उन्हें रुहानी सुकून देता है. उन्हें फिल्मी अभिनेताओं, कलाकारों और नेताओं के इंटरव्यू देखने का भी शौक है.

भाषा पर मजबूत पकड़ और लेखन की विभिन्न शैली में गहरी समझ रखने की वजह से वो खूबसूरत अंदाज़ में बड़ी आसानी से खबरों को पेश करने में सफल रहते हैं.

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