Bihar Elections: क्या नीतीश राज में 60000 हत्याएं हुईं? | CM Nitish Kumar | Abp News
बिहार विधानसभा में आज कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामा हुआ...विपक्ष ने नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की...विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरा...विपक्ष के नेताओं ने हाथों में पोस्टर ले रखे थे और नीतीश सरकार से सवाल पूछ रहे थे कि चुनावी साल में अपराधी आउट ऑफ कंट्रोल क्यों है? विपक्ष, सरकार से ये सवाल क्यों पूछ रहा है...पहले ये बताते हैं... -12 मार्च को अररिया में ASI राजीव रंजन की भीड़ से झड़प हुई और ASI की मौत हो गई. -14 मार्च को मुंगेर में ASI संतोष सिंह की हत्या कर दी गई. -14 मार्च को ही समस्तीपुर में पुलिस टीम पर ईंट से हमला हुआ. -15 मार्च को भागलपुर में पुलिस पर हमला हुआ. -15 मार्च को ही नवादा में एक बार फिर पुलिस टीम पर हमला हुआ. -16 मार्च को पटना में पुलिस की गाड़ी पर हमला किया गया. 5 दिन में 2 ASI की हत्या और पुलिस टीम पर हमले इस बात का सबूत है कि चुनावी साल में बिहार में अपराधियों की बहार आ गई है...अपराधी राज्य की सुरक्षा में तैनात जवानों की जान ले रहे है...लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री खामोश हैं...आज हम नीतीश कुमार से कुछ सवाल पूछना चाहते है... -सवाल है कि आपने तो सुशासन का दावा किया था...फिर खाकी पर लगातार अटैक क्यों ? -सवाल है कि आपने सुरक्षा देने का वादा किया था...फिर 2 ASI की हत्या क्यों? -आपने अपराधियों पर नकेल कसने का दावा किया था...फिर अपराधी बेखौफ क्यों ? -और सवाल है कि 1990 से 2005 के जंगलराज की तो आपको याद है...लेकिन आपके समय में बढ़ रही अपराध की वारदातों पर चुप्पी क्यों...?






































