दिवाली हम कार्तिक माह में मनाते हैं. इस पूरे महीने लोग अपने घरों के सामने दीपक जलाते हैं. दीपक जलाने के पीछे एक और प्रतीक है, भगवान बुद्ध की एक कहावत. भगवान बुद्ध ने कहा है, 'अप्प दीपो भव'- स्वयं के लिए प्रकाश बनो. अंधकार को दूर करने के लिए एक दीपक पर्याप्त नहीं है. हर किसी को चमकना चाहिए. जब अधिक लोग जागृत होंगे तो इससे एक खुशहाल समाज का निर्माण होगा. वे कहते हैं, अपने लिए प्रकाश बनो, अपने आस-पास के सभी लोगों के लिए प्रकाश बनो. श्री रविशंकर कहते हैं कि ज्ञान में रहो, तथा सजगता और ज्ञान को अपने आस-पास के लोगों तक फैलाओ. इस दिवाली स्वयं के लिए प्रकाश बनें और औरो को भी रोशन करें.