धार्मिक नगरी उज्जैन जिसे उज्जैनी, अवन्तिका भी कहा गया

भगवान श्री कृष्ण ने अपनी सम्पूर्ण शिक्षा उज्जैन के आश्रम से प्राप्त कि थी

कृष्ण के साथ उज्जैन विद्या प्राप्त करने मित्र सुदामा व भाई बलराम भी आए थे

विश्व का सबसे पहला गुरुकुल यही था

आपको बता दें कि सांदीपनि आश्रम का अपना अलग महत्व है

कृष्ण भगवान ने हजारों साल पहले क,ख,ग से लेकर ज्ञ तक का ज्ञान लिया था

महाभारत काल की शुरुआत में शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र उज्जैन ही हुआ करता था

महर्षि सांदीपनि का आश्रम मंगलनाथ रोड पर स्थित है

आश्रम के पास के इलाके को अंकपात के नाम से भी जाना जाता है

बताया जाता है कि पहले ये आश्रम घास-फूस का बना था