विनेश फोगाट को क्यों नहीं मिला सिल्वर मेडल? CAS ने क्यों खारिज किया केस? 24 पन्ने की रिपोर्ट में खुल गए सभी राज़
CAS Decision on Vinesh Phogat: पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल क्यों नहीं मिला? क्यों CAS ने उनका केस खारिज कर दिया? अब हर सवाल का जवाब मिल गया है.

CAS Full Verdict on Vinesh Phogat: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट 2024 पेरिस ओलंपिक में सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं. 50 किग्रा महिला कुश्ती में दमदार प्रदर्शन से फाइनल में पहुंचने वाली विनेश फोगाट 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से डिसक्वालीफाई कर दी गई थीं. हालांकि, इसके बाद विनेश ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में सिल्वर मेडल के लिए अपील की थी, लेकिन उनका केस खारिज कर दिया गया. अब सीएएस की 24 पन्नों की फैसले की पूरी रिपोर्ट सामने आ गई है, जिससे यह पता चला कि आखिर क्यों विनेश का केस खारिज कर दिया गया.
विनेश फोगाट पर आए फैसले के महत्वपूर्ण अंश
सीएएस ने विनेश फोगाट मामले पर विस्तृत आदेश जारी कर दिया है. इस आदेश के मुताबिक, "इस मामले की सुनवाई करने वाली सिंगल बेंच ने निष्कर्ष निकाला है कि आवेदक ने अपनी मर्जी से 50 किलोग्राम कुश्ती वर्ग में हिस्सा लिया था और वह अच्छी तरह से जानती थी कि प्रतियोगिता के लिए उसे 50 किलोग्राम से कम वजन बनाए रखना होगा."
आदेश में आगे कहा गया, "नियमों के अनुच्छेद 7 में यह स्पष्ट है कि हर खिलाड़ी को अपनी स्वतंत्र इच्छा से हिस्सा लेने वाला माना जाता है और वह स्वयं के लिए जिम्मेदार होता है. वह केवल एक भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने का हकदार है, जो कि उस समय के वजन के अनुरूप है. आवेदक एक अनुभवी पहलवान है, जिसने पहले नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा की थी. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वजन संबंधी आवश्यकताओं को नहीं समझती थी. उसने स्वेच्छा से 50 किलोग्राम वर्ग में प्रवेश किया और उस वजन सीमा को बनाये रखने का एक नियम है."
सीएएस ने आगे कहा, "वजन सीमा के संबंध में नियम स्पष्ट हैं और सभी प्रतिभागियों के लिए समान हैं. इसके लिए (ऊपरी सीमा) कोई छूट प्रदान नहीं की गई है. यह स्पष्ट रूप से खिलाड़ी की जिम्मेदारी है कि वह उस सीमा से नीचे रहे. इसमें कोई विवाद नहीं है कि आवेदक का वजन सीमा से अधिक था. उसका मामला यह है कि उसका वजन मात्र 100 ग्राम अधिक था और इसकी छूट मिलनी चाहिये, क्योंकि ऐसा पानी पीने और विशेष रूप से मासिक धर्म (पीरियड्स) से पहले के चरण के दौरान हो जाता है."
बता दें कि अपनी अपील में विनेश फोगाट ने मांग की थी कि उन्हें क्यूबा की पहलवान युसनेलिस गुजमैन लोपेज के साथ संयुक्त सिल्वर मेडल दिया जाए, जो सेमीफाइनल में उनसे हार गयी थीं. भारत की 29 साल की विनेश के अयोग्य होने के बाद क्यूबा की पहलवान को फाइनल में खेलने का मौका मिला था. इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट ने जीता था.
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